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कोरोना इफेक्ट- इस साल भी खाली रह जायेगा निगम का खजाना

कोरोना इफेक्ट- इस साल भी खाली रह जायेगा निगम का खजाना

 रायगढ़, 22 दिसंबर। शहर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत नगर निगम प्रशासन अपने राजस्व वसूली के लक्ष्य को लेकर भी गंभीर है और निरंतर अभियान चलाकर बकाया करों की वसूली के लिए भी अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दी है। नवंबर माह की स्थिति में राजस्व अमले ने 28.18 करोड़ के टारगेट के विरूद्ध 13.09 करोड़ का राजस्व प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की है। अर्थात् टारगेट का अभी मात्र 46 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।

इस साल कोरोना संक्रमण काल के चलते नगर निगम के राजस्व वसूली का अभियान काफी प्रभावित रहा। मार्च में ऐन मौके पर संपूर्ण लॉकडाऊन लग जाने और उसके बाद अनलॉक की प्रक्रिया में भी संक्रमण का खतरा बने रहने से नगर निगम की माली हालत काफी खराब होने लगी थी। स्थिति यहां तक आ गई थी कि दीपावली पर्व के पूर्व नगर निगम के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पैसे नहीं थे। निगम का खजाना खाली होने के कारण कामकाज पर इसका असर पड़ रहा था। यही वजह है कि दिसंबर माह में ही निगम आयुक्त ने राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए बड़े बकायादारों की लिस्ट तैयार की और अलग-अलग टीम गठित कर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए निगम प्रशासन ने पहली बार करोड़ों के बकायादार जेएसपीएल तक पर सख्ती बरतते हुए टैक्स की अदायगी नहीं करने की स्थिति में कुर्की वारंट जारी कर दिया। इसका सुखद परिणाम यह रहा कि कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए जेएसपीएल की ओर से बकाया कर में से एक किश्त का भुगतान किया और नगर निगम की लडख़ड़ाती आर्थिक स्थिति फिर से पटरी पर आने लगी। नवंबर माह तक की स्थिति पर नजर डालें तो नगर निगम का खजाना भरने लगा है। संपत्ति कर में 6.33 करोड़, समेकित कर में 92.65 लाख, जलकर में 1.68 करोड़, दुकान किराया में 73.04 लाख व अन्य करों में 3.41 करोड़ की वसूली हो चुकी है। इस तरह कुल टारगेट 28.18 करोड़ में से 13.09 करोड़ की राजस्व वसूली करते हुए टारगेट 46.46 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है मगर अब भी अपने लक्ष्य को पूरा करने में नगर निगम को काफी मशक्कत करने की दरकार है।

कोरोना के कारण ही बन रही स्थिति

दिसंबर में राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाते हुए नगर निगम ने राजस्व निरीक्षकों को अपने-अपने वार्डों की जिम्मेदारी सौंपते हुए टारगेट भी दिये थे। इसके अलावे वार्ड-वार्ड व बड़े कॉलोनियों में भी कैंप लगाकर बकाया टैक्स की वसूली की जा रही थी। आम लोगों से भी टैक्स जमा करने की अपील की जा रही थी मगर अब फिर से यह अभियान ठप्प पड़ गया है क्योंकि जिला प्रशासन के निर्देेश पर निगम कर्मचारियों को फिर से कोविड-19 के काम में लगा दिया गया है।