बिजली बिल में 30 अप्रैल तक कोई अधिभार नही, मी​टर रीडिंग भी 7 अप्रैल तक नही होगी, बिलिंग पर भी रोक, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का फैसला

बिजली बिल में 30 अप्रैल तक कोई अधिभार नही, मी​टर रीडिंग भी 7 अप्रैल तक नही होगी, बिलिंग पर भी रोक, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का फैसला

रायपुर. कोरोना वाइरस कोविड-19 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु राज्य शासन द्वारा हरेक स्तर पर तेजी से जन हितेषी फैसला किए जा रहे है। ऐसे ही कदमों के अन्तर्गत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से मिले दिशा निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग ने प्रदेश के निम्न दाब उपभोक्ताओं के हित में अनेक अहम फैसला किए हैं।

इसके मुताबिक प्रदेश के समस्त निम्नदाब बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग एवं बिलिंग को 7 अप्रैल 20 तक रोकने का निर्णय लिया गया है, पूर्व में इसे 31 मार्च तक रोकने का निर्णय लिया गया था ।  उक्त जानकारी पावरकम्पनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) विजय मिश्रा ने दी। आगे उन्होंने बताया कि नए निर्णय के अनुपालन में छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी ने बिजली मीटर रीडिंग, फीलिंग,नगद भुगतान कार्य को तत्काल प्रभाव से निर्धारित तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया है। दरअसल उपभोक्ताओं के परिसर की मीटर रीडिंग , बिलिंग  नगदी भूगतान का कार्य स्पाॅट बिलिंग अथवा मेनुअली नहीं होने से कोरोना वाइरस के संक्रमण को रोका जा सकेगा।                      

श्री मिश्रा ने जानकारी दी कि प्रदेश के निम्न दाब उपभोक्ताओं के सभी ऑफलाइन बिजली संग्रहण केंद्रों को भी 7 अप्रैल 20 तक बंद रखने का निर्णय  लिया गया है, पूर्व में 31 मार्च 20 तक इन्हें बंद रखने का आदेश जारी किया गया था।  निम्न दाब उपभोक्ताओं को 30 अप्रैल 20 तक बिना अधिभार (सर चार्ज) के विभिन्न विल संग्रहण केंद्रों पर बिल भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जाएंगी।    इसके साथ ही वर्तमान माह(फरवरी-मार्च 20 20 बिलिंग चक्र अनुसार) के बिल को" डोर लॉक कोड 03 "में बनाए जाने हेतु केंद्रीय स्तर पर कार्यपालकअभियंता ( ईआईटीसी) द्वारा सेप सिस्टम को अपडेट करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है 
 
विदित हो कि राज्य शासन के ऊर्जा विभाग से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के दौरान बिलिंग मीटर रीडिंग कार्य में हुई देरी से उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक क्षति अथवा परेशानी ना हो इस हेतु पावर कंपनी न्यायोचित कदम उठा रही है।इस बारे उन्होंने बताया कि ऐसे प्रभावित उपभोक्ताओं को पहले औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए जाएंगे।  वास्तविक खपत के आधार पर आगामी माह में बिल की गणना करते समय ऐसे उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई कम अथवा ज्यादा राशि का समायोजन  किया जाएगा।

सभी माह के विद्युत देयकों में राज्य शासन की हाफ रेट पर बिजली योजना के तहत् 400 यूनिट तक आधे दाम पर बिजली की छूट का पूरा-पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रभावित उपभोक्ताओं के हित को दृष्टिगत रखते हुये आगामी माह में वास्तविक विद्युत खपत के आधार पर जारी होने वाले बिजली बिल में उन्हे  एक मुष्त  दो  माह का लाभ दिया जायेगा।
पावर कम्पनी प्रबंधन ने वैश्विक आपदा की घड़ी में धैर्य के साथ सहयोग करने की अपील की है और विश्वास जताया है कि उपभोक्ताओं के हित में ही कम्पनी आगे कदम उठाएगी।