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शिशु संरक्षण माह शुरू : बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है विटामिन ए, गांव-गांव में किए जाएंगे जागरुकता कार्यक्रम

शिशु संरक्षण माह शुरू : बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है विटामिन ए,  गांव-गांव में किए जाएंगे जागरुकता कार्यक्रम

राजनांदगांव। बच्चों में सुपोषण लाने के साथ ही उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने के लिए जिले में शिशु संरक्षण माह मनाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला अस्पताल में बच्चों को विटामिन ए व आयरन की सिरप पिलाकर शिशु संरक्षण माह की शुरुआत की। जिला अस्पताल में जागरुकता से संबंधित विभिन्न बैनर-पोस्टर भी लगाए गए हैं। 

शिशुओं को समृद्ध स्वास्थ्य प्रदान करने हेतु शिशु संरक्षण माह कार्यक्रम के लिए जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसके अंतर्गत 28 सितंबर तक विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिशु संरक्षण माह के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, किसी भी बीमारी से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने हेतु उन्हें सुपोषण व पौष्टिक आहार के साथ-साथ विटामिन ए की खुराक देना भी जरूरी है, इसीलिए शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत जिले में विभिन्न स्तरों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कुपोषण में कमी लाने के उद्देश्य से बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जा रही है। यह खुराक 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को 6 माह में एक बार दी जाती है। उन्होंने बताया, 11 सत्रों के लिए चलाया जाने वाला शिशु संरक्षण माह कार्यक्रम जिले में आंगनवाड़ी केंद्र व स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों जैसे सुव्यवस्थित स्थानों पर संचालित किया जाएगा। इस दौरान शिशुवती माताओं व लाभार्थियों को शिशु संरक्षण माह के उद्देश्य तथा लाभ की जानकारी दी जाएगी। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, विटामिन ए की कमी से बच्चे लगातार बीमार पड़ सकते हैं। आंखें कमजोर हो सकतीं हैं जिसकी वजह से बच्चा रतौंधी नामक रोग का शिकार हो सकता है। इससे बचाव के लिए जनजागरुकता ही प्रमुख उपाय है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में शिशु संरक्षण माह मनाया जा रहा है, जो 28 सितंबर 2021 तक चलेगा। इसके अंतर्गत निर्धारित तिथियों में सभी टीकाकरण केंद्रों में मंगलवार एवं शुक्रवार को टीकाकरण की सेवाओं के साथ-साथ विटामिन ए की खुराक भी दी जाएगी। शिशु संरक्षण माह के दौरान 9 माह से 11 माह तक के सभी बच्चों को एक एमएल एवं एक वर्ष से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को दो एमएल विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। इसी तरह 6 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड सिरप की खुराक दी जाएगी। डॉ. चौधरी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, शिशुवती माताएं निर्धारित समय में केंद्रों पर पहुंचकर अपने बच्चे को विटामिन ए की खुराक अवश्य पिलाएं। विटामिन ए सिरप से बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है। शरीर में रक्त बनने में सहायता मिलती है।