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भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी’

भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी’

नयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी’ का हवाला देते हुये आज कहा कि दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक और आर्थिक संबंध और अधिक बनाये जाने की जरूरत है।

श्री मोदी ने व्लादिवोस्तोक में आयोजित छठे पूर्वी आर्थिक मंच 2021 को वर्चुअल संबोधित करते हुये रूस के सुदूर-पूर्व के विकास के लिए राष्ट्रपति पुतिन के दृष्टिकोण की सराहना करते की और भारत की “एक्ट ईस्ट नीति” के तहत रूस के एक विश्वसनीय भागीदार होने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने रूसी सुदूर-पूर्व के विकास में भारत और रूस की प्राकृतिक अनुपूरकता को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक सम्बन्ध को अधिक से अधिक मज़बूत करने पर जोर दिया। उन्होंने महामारी के दौरान सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में उभरे- स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र – के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हीरा, कोकिंग कोल, स्टील, लकड़ी समेत आर्थिक सहयोग के अन्य संभावित क्षेत्रों का भी उल्लेख किया।

कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद, केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें प्रमुख भारतीय तेल और गैस कंपनियां शामिल हैं, ईईएफ के तहत भारत-रूस व्यापार वार्ता में भाग ले रहा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और रूस के सखा-याकूतिया प्रांत के राज्यपाल के बीच ईईएफ के दौरान 2 सितंबर को एक ऑनलाइन बैठक हुई। विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों के 50 से अधिक प्रतिनिधि भी ऑनलाइन भाग लेंगे।