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नाबालिक के साथ छेड़छाड़ मामले में अभियुक्तों को तीन वर्ष का कारावास और पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड से किया दंडित

नाबालिक के साथ छेड़छाड़ मामले में अभियुक्तों को तीन वर्ष का कारावास और पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड से किया दंडित

 सक्ती।  विशेष न्यायाधीश एफटीसी पास्को एक्ट सक्ती  के पीठासीन अधिकारी  गीता नेवारे ने नाबालिक युवती एवं एक अन्य युवती के घर में रात्रि 10:00 बजे जबरन  घुसकर छेड़छाड़ कर लज्जा भंग करने के आरोप प्रमाणित पाए जाने पर दोनों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष की सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया  है। 

अभियोजन के अनुसार घटना लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व की है। सक्ति  थाना के ग्राम बोइरडीह के एक नाबालिग युवती एवं एक बालिग युवती को उनके घर में रात्रि लगभग 10:00 बजे जबरन घुस कर दोनों अभियुक्तों  द्वारा छेड़छाड़ कर उसके लज्जा भंग किया गया। अभियोक्तरी के रिपोर्ट पर थाना सक्ती  द्वारा अपराध क्रमांक 214/  2019 धारा 456, 354, 294, 506 बी 34 भारतीय दंड संहिता एवं अभियुक्त गजेंद्र के विरुद्ध अतिरिक्त धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध  दर्ज कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज कर विवेचना किया गया तथा विवेचना उपरांत विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया था। 

 विशेष न्यायाधीश द्वारा विचारण उपरांत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर राजेश साहू पिता बिहारी लाल साहू एवं गजेंद्र चौहान उर्फ नंदू पिता हरि शंकर दोनों निवासी ग्राम  बोइर डीह  थाना शक्ति को विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त गण द्वारा अभियोक्तरीगण की लज्जा भंग करने के आशय से अभियोक्ततरीगण  के घर में प्रवेश कर उन पर आपराधिक बल प्रयोग कर उनकी लज्जा भंग करने के आशय से किया गया है। 

यह तथ्य अभियुक्तगण की अपराधिक मानसिक स्थिति को दर्शाता है। अतः यह प्रमाणित पाया जाता है कि अभियुक्त गण ने दिनांक 2 मई 2019 की रात्रि 10:00 बजे ग्राम बोइरडी थाना शक्ति क्षेत्र अंतर्गत अभियोक्तरी उम्र 16 वर्ष तथा अभियोक्तरी  उम्र 19 वर्ष के मकान में प्रवेश कर तथा उसमें बने रहकर रात्रि प्रच्छन्न गृह अतिचार करते हुए अभियोक्तरीगण  को उनकी लज्जा भंग करने की आशय से उसके हाथ पैर एवं प्राइवेट पार्ट को दबाकर लैंगिक हमला कार्य किया है

इसलिए धारा 456 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया एवं अर्थदंड की अदायगी में व्यतिक्रम होने पर तीन-तीन माह का साधारण कारावास के दंड से दंडित किया जाने का आदेश पारित किया एवं अभियुक्त राजेश को धारा 354 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड एवं अर्थदंड की अदायगी में व्यतिक्रम होने पर 3 माह  का साधारण कारावास के दंड से दंडित करने का निर्णय दिया गया अभियुक्त गजेंद्र को धारा 354 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एक ही प्रक्रिया का अंग होने के कारण अभियुक्त  गजेंद्र को मात्र लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम  की धारा 8 के अपराध के लिए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया गया एवं अर्थदंड की राशि की अदायगी में व्यतिक्रम होने पर उसे उपरोक्त अपराध धारा के तहत 3 माह का साधारण कारावास पृथक से भुगताये जाने कि आदेश पारित किया गया। अभियोजन की ओर से शासकीय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिवक्ता राकेश रोशन महंत ने पैरवी किया।