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लॉकडाउन के कारण भोपाल, इंदौर और जबलपुर में सन्नाटा पसरा

लॉकडाउन के कारण भोपाल, इंदौर और जबलपुर में सन्नाटा पसरा

भोपाल । वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण का प्रकोप लगातार बढऩे के कारण आज मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के इलावा इंदौर और जबलपुर में 32 घंटे के लॉकडाउन के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सिर्फ चिकित्सा और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं को लॉकडाउन के प्रभाव से मुक्त रखा गया है।
इन तीनों शहरों में शनिवार की रात्रि दस बजे से लॉकडाउन प्रारंभ हुआ है, जो सोमवार सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। आज सुबह से ही भोपाल की सड़कें खाली हैं। जगह जगह पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, जो अनावश्यक घर से बाहर निकलने वालों को रोकने और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
सुबह निर्धारित समय पर सिर्फ दुग्ध स्टॉल खुले रहे। इसके अलावा सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। पेट्रोल पंप भी बंद रखे गए हैं। प्रशासन और पुलिस का अमला लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध नजर आया। इसी तरह का माहौल कमोवेश इंदौर और जबलपुर में भी रहा। हालाकि पहले से निर्धारित राज्य लोक सेवा आयोग से संबंधित परीक्षा निर्विघ्न रूप से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
लॉकडाउन के कारण लोग घरों में ही ठहरे हुए हैं। घर के लिए आवश्यक सामान लगभग सभी लोगों ने शुक्रवार और शनिवार को ही जुटा लिया था। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रतिदिन कोरोना मामलों की समीक्षा कर सभी मातहत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए मॉस्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग आवश्यक है और इनका सभी नागरिक सख्ती से पालन करें।
राज्य के स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से कल रात जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार 5़ 2 प्रतिशत संक्रमण की दर से 1308 नए मामले मध्यप्रदेश में आए और इस दौरान दो लोगों की मृत्यु हुयी। इनमें सबसे अधिक मामले भोपाल जिले में 345, इंदौर में 317 और जबलपुर में 116 शामिल हैं। इन शहरों में सक्रिय मामलों की संख्या क्रमश: 2066, 1747 और 476 हो गयी है। राज्य में वर्तमान में सभी 52 जिलों में सक्रिय मामले हैं और इनकी कुल संख्या 7344 हो गयी है। लगभग दो माह पहले सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 2000 के अंदर आ गयी थी।
इसके अलावा राज्य में 16 जनवरी से प्रारंभ हुए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक 20 लाख से अधिक नागरिकों को निर्धारित मापदंड के अनुरूप टीका लगाया जा चुका है।
राज्य में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 20 मार्च को जबलपुर में और भोपाल में 21 मार्च को सामने आया था। इसके बाद यह संक्रमण तेजी से फैलता गया और इसने सभी जिलों को अपनी चपेट में ले लिया।