कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः सरकार मनमानी कर रही है

कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः सरकार मनमानी कर रही है

सब सो रहे हैं नर और नार

सरकार मनमानी कर रही है।


टूटी-सी बस्ती बिखरी-सी बस्ती

बिखरी-सी बस्ती की कोई नहीं हस्ती

कैसे जी रहे हैं तन-मन मार

सरकार मनमानी कर रही है।


धौंची रे जनता सड़कों पे धौंची

शहरों से ठेली , गाँवों में पोंची

सुन पड़ती है अब सिसकार

सरकार मनमानी कर रही है।


बढ़ के हम बोले चढ़ के वो बोली

चढ़ के वो बोली तो चल गयी गोली

गूँगे-बहरे हैं सब अखबार

सरकार मनमानी कर रही है।