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कोरोना : नमाज का समय घटाया..इफतार परिवार तक सीमित..जकात यानि कि दान को इलेक्ट्रॉनिक किया..जानिए कि यूएई देश ने मुस्लिमों के लिए क्या—क्या पाबंदियां लागू कीं!

कोरोना : नमाज का समय घटाया..इफतार परिवार तक सीमित..जकात यानि कि दान को इलेक्ट्रॉनिक किया..जानिए कि यूएई देश ने मुस्लिमों के लिए क्या—क्या पाबंदियां लागू कीं!

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर संयुक्त अरब अमीरात ने रमजान के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की है. कोविड-19 नियमों का पालन करना रमजान के महीने में जरूरी होगा. रमजान के दौरान सख्त निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा और नियमों के उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी, चाहे कोई संस्था हो या व्यक्ति. अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बुजुर्गों और पुराने मरीजों को किसी भी तरह की सभाओं में शिरकत की इजाजत नहीं होगी.

यूएई ने रमजान 2021 के लिए जारी की गाइडलाइन्स

    राष्ट्रीय आपातकालीन संकट एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने सलाह दी है कि रमजान के दौरान शाम की सभाओं से बचा जाए और पारिवारिक मुलाकात को सीमित किया जाए.
    लोगों को बताया जाता है कि भोजन का आदान-प्रदान और वितरण से परहेज करें. एक घर में रहने वाले सिर्फ परिवार के लोग ही भोजन आपस में साझा कर सकते हैं.
    पारिवारिक या संस्थागत इफ्तार टेंट लगाने, सार्वजनिक स्थानों पर भोजन साझा करने या मुहैया कराने और इफ्तार को घर और मस्जिद के सामने बांटने की इजाजत नहीं है.
    ऐसे इच्छुक लोगों को परोपकारी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाने की हिदायत दी जाती है और जकात या दान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अदा करने का सुझाव दिया जाता है.
    रमजान में कोविड-19 के सुरक्षात्मक नियम रेस्टोरेंट पर भी लागू किए जाएंगे. इफ्तार का खाना रेस्टोरेंट के अंदर या सामने बांटने की इजाजत नहीं दी जाती है.
    तरावीह की अदा की जानेवाली नमाज कोविड-19 के एहतियाती प्रावधानों के तहत पढ़ी जाएंगी. उस दौरान सुरक्षा के तमाम नियमों का ख्याल रखा जाएगा.
    मस्जिदों में तरावीह और ईशा की नमाज को सीमित करते हुए 30 मिनट तक किया जाएगा. मस्जिदों को नमाज खत्म होने के बाद तुरंत बंद कर दिया जाएगा.
    रोजा खोलने के लिए इफ्तार का भोजन मस्जिद के अंदर खाने की इजाजत नहीं होगी. महिलाओं के लिए आरक्षित जगहें, बाहरी सड़क पर स्थित मस्जिद बंद रहेंगी.
    रमजान की आखिरी दस रातों में इबादत के लिए राष्ट्रीय आपातकालीन संकट एवं प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि स्थिति की समीक्षा कर जानकारी दी जाएगी.
    रमजान में धार्मिक आयोजन, पाठ और मीटिंग बंद रहेंगी. सिर्फ वर्चुअली शिरकत की छूट रहेगी. कुरआन की तिलावत डिवाइस के जरिए किया जाना चाहिए.