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सारंगढ़ उप जेल में बंदी की खुदकुशी जेल प्रशासन की लापरवाही उजागर

सारंगढ़ उप जेल में बंदी की खुदकुशी जेल प्रशासन की लापरवाही उजागर

सारंगढ़।  सारंगढ़ उप जेल में आज एक बंदी ने फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली । जो जेल प्रशासन पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह तो लगाती ही साथ ही में लापरवाही को भी उजागर करती है। क्योंकि बंदी द्वारा ऐसा कर पाना संभव नही लेकिन घटना तो घटी है लेकिन इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। क्योंकि यदि जेल अधीक्षक की नियुक्ति मुख्यालय द्वारा कर दी गई होती तो अधीक्षक अपने अधीनस्थ सभी उपजेलो मे निरीक्षण व दौरा करते जेल प्रभारियों को उनके आने व अव्यवस्था को लेकर भय रहता लेकिन रिक्त नियुक्ति देख सभी जेल प्रभारी आराम फरमा रहे है ।
  सारंगढ़ जेल में बंदी की खुदकुशी जेल मुख्यालय कटघरे में है  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर केंद्रिय जेल अधीक्षक के खाली पद पर एकल नाम पर विचार किया जा रहा है और उस एकल नाम को जेल मुख्यालय द्वारा शासन को स्वीकृति हेतु भेजा गया विदित हो कि केंद्रीय जेल अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के सेवानिवृत्त हो जाने के पश्चात बिलासपुर केंद्रीय जेल में जेल अधीक्षक का पद रिक्त हो गया था जिसे पूर्ति करने हेतु सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार डीजी द्वारा एकल नाम भेजा गया है ।

जेल नियमो के अनुसार यदि कोई जेल अधीक्षक सेवा निवृत्त होता है अथवा किन्ही कारणों से उसका पद रिक्त होता है तो जेल विभाग उसके रिक्त पद को भरने 15 दिन पहले जेल अधीक्षक की नियुक्ति करता है अथवा जिला दंडाधिकारी का कोई प्रतिनिधि उस पद को संभालता है जब तक कि जेल विभाग उस रिक्त पद को भर न दे | लेकिन यहां जेल मुख्यालय की घोर लापरवाही कहे या उदासीनता जिसने जेल अधीक्षक के रिक्त पद को भरने कोई कदम नही उठाया और ऐसा भी नही है कि जेल प्रशासन को जेल अधीक्षक के सेवानिवृत्त की जानकारी नही थी और अब एकल नाम आर आर राय को बिना पूर्ण रूप जेल नियमो की पात्रता रखते हुए उनसे सीनियर अधिकारियों के होते हुए जेल अधीक्षक पद का प्रभार दे दिया गया - अब देखने वाली बात यह है कि जेल मुख्यालय , बिलासपुर जेल अधीक्षक का पद जो 1 जनवरी से रिक्त होने के बाद प्रभारी के भरोसे चल रहा है की नियुक्ति में और कितनी देरी करता है।