breaking news New

नेता प्रतिपक्ष ने पहल करते हुए महापौर की मदद करने की बात कही

नेता प्रतिपक्ष ने पहल करते हुए महापौर की मदद करने की बात कही

नेता प्रतिपक्ष ने की पहल, कहा अगर महापौर की सुनी नहीं जा रही तो हम साथ चलकर मंत्री से बातचीत को तैयार
कहा, कांग्रेस की सत्‍ता में विकास को लेकर कोई विज़न नहीं, शहर पिछड़ रहा है

राजनांदगांव। बीते दो वर्षों में नगर पालिक निगम राजनांदगांव को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के अतिरिक्‍त अन्‍य आवश्‍यक विकास कार्यों के लिए किसी भी तरह की स्‍वीकृति न मिल पाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने पहल करते हुए महापौर की मदद करने की बात कही है। उन्‍होंने कहा कि हम विपक्ष में हैं और कांग्रेस निगम में सत्‍ता संभाल रही है। प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार है बावजूद महापौर श्रीमती हेमा देशमुख शहर को किसी तरह की बड़ी उपलब्धि नहीं दिला पाई हैं। उन्‍होंने कहा कि इस पहलु को देखते हुए लगता है मानों कांग्रेस सरकार ने ही इन्‍हें दरकिनार कर रखा है।
नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कहा कि नगरीय प्रशासन मंत्रालय की ओर से अब तक किसी तरह के अतिरिक्‍त कार्य के लिए निगम को कोई स्‍वीकृति नहीं मिल सकी है। कांग्रेस की सत्‍ता में शहर के विकास को लेकर कोई विज़न नहीं दिखता। दो ही कारण संभव है या तो महापौर शहर के लिए प्रयासरत नहीं हैं या फिर उनकी ही सरकार में उनकी कोई सुनता नहीं है।
उन्‍होंने कहा कि महापौर श्रीमती हेमा देशमुख के कार्यकाल में शहर पिछड़ता जा रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो भाजपा कार्यकाल में हमने जितनी उपलब्धियां हासिल की विकास सिर्फ वहीं तक थम जाएगा। उन्‍होंने कहा कि हम विपक्ष में जरुर हैं लेकिन सत्‍ता पक्ष के साथ मिलकर शहर का विकास करने की जिम्‍मेदारी हमारी भी है। उन्‍होंने कहा कि अगर महापौर की बातें सरकार नहीं सुन रही है तो मैं और भाजपा पार्षद दल उनके साथ जाकर नगरीय प्रशासन मंत्री से चर्चा करने के लिए तैयार है।
उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में विकास को लेकर विज़न की कमी साफ दिख रही है। ऐसे में सत्‍ता पक्ष द्वारा प्रयास न किया जाना शहर के लिए घातक है। उन्‍होंने कहा कि मैं और पूरा भाजपा पार्षद दल विकाय कार्यों के लिए सत्‍तापक्ष के साथ सरकार से विकास कार्यों की मांग के लिए चर्चा करने उपलब्‍ध हैं। अब यह महापौर की विकास परख मानसिकता पर निर्भर करता है कि वह विकास कार्यों के लिए विपक्ष का साथ चाहती हैं या नहीं।