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टेंडर प्रक्रिया में उलझा निगम प्रशासन, डेढ़ महीने तक और पीना पड़ेगा गन्दा पानी

टेंडर प्रक्रिया में उलझा निगम प्रशासन, डेढ़ महीने तक और पीना पड़ेगा गन्दा पानी

रायपुर : पीलिया के बढ़ते प्रकोप के बीच रायपुरियंस को अभी शुद्ध पानी के लिए डेढ़ महीने तक का लंबा इंतजार और करना पडेगा। क्योंकि फ़िल्टर प्लांट में नए मीडियम को पूरी तरह से लगने में लंबा वक्त लगने वाला है। मामला मीडिया में आने पर निगम प्रशासन ने हप्ते भर पहले जिस तरह की फुर्ती दिखाई थी उसे देख कर ऐसा लगा था की आठ दस दिन के भीतर पुरे फ़िल्टर प्लांट को ही पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। लेकिन फ़िल्टर प्लांट की सफाई मात्र करके निगम प्रशासन सुस्त सा दिखाई दे रहा है।  



एक तरफ लगातार पीलिया संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, वही दुसरी तरफ प्रशासन इसको नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। जल शुद्धिकरण संयंत्र की ऊपरी सफाई करने के बाद टेंडर की प्रक्रिया में उलझ गया है, और इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो महीने से भी ज्यादा का वक्त लग सकता है। ऐसे में जिस तरह से माह भर के भीतर सात से बढ़कर चार सौ से ज्यादा पीलिया संक्रमितों की संख्या पहुंच चुकी है स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है। 


डेढ़ करोड़ से ज्यादा का हो रहा टेंडर 

मिली जानकारी के मुताबिक फ़िल्टर प्लांट में लगे मीडियम को पूरी तरह से नए तरीके से बदलना पडेगा जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें लगने वाली सैकड़ों ट्रक रेत या तो महाराष्ट के भंडारा से आएगी या फिर होशंगाबाद से। क्योंकि मीडियम में लगने वाली रेत में जो सिलिकॉन होनी चाहिए वो सिर्फ नर्मदा नदी के रेत में ही होती है, मीडियम में इस रेत से पानी को फ़िल्टर करने पर शुद्धता की गुणवत्ता सबसे बेहतर मानी जाती है। इसके साथ ही उसमे लगने वाली नौ इंच की साइज़ वाली गिट्टी को भी स्पेशल ऑर्डर देकर ही मगवाया जाता है। 


वर्जन 

जब तक नया मीडियम नहीं बनता तब तक के लिए फिलहाल फ़िल्टर प्लांट की ऊपर से सफाई करवा दी गई है, नए मीडियम को बनाने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है, नए मीडियम को बनने में महीने भर से ज्यादा समय लग सकता है।

सतनाम पनाग, जल बोर्ड अध्यक्ष एवं एमआईसी सदस्य निगम रायपुर