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मन की बात: ‘इंडिया फर्स्ट’ हो हमारा मूल मंत्र, पीएम मोदी ने मशहूर धावक मिल्‍खा सिंह को भी याद किया

मन की बात: ‘इंडिया फर्स्ट’ हो हमारा मूल मंत्र, पीएम मोदी ने मशहूर धावक मिल्‍खा सिंह को भी याद किया

नई दिल्ली, 27 जून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजादी के अमृत महोत्सव को प्रेरणादायी करार देते हुए रविवार को कहा कि ‘इंडिया फर्स्ट’ (सर्वप्रथम भारत) देशवासियों का मूल मंत्र होना चाहिए। श्री मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले अपने 78वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि ‘इंडिया फर्स्ट’ देशवासियों का मूल मंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज हमने कोरोना की कठिनाइयों और सावधानियों पर बात की, देश और देशवासियों की कई उपलब्धियों पर भी चर्चा की। अब एक और बड़ा अवसर भी हमारे सामने है। पंद्रह अगस्त भी आने वाला है। आज़ादी के 75 वर्ष का अमृत-महोत्सव हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। हम देश के लिए जीना सीखें।”

उन्होंने आगे कहा, “आज़ादी की जंग देश के लिए मरने वालों की कथा है। आज़ादी के बाद के इस समय को हमें देश के लिए जीने वालों की कथा बनाना है। हमारा मंत्र होना चाहिए– ‘इंडिया फर्स्ट’। हमारे हर फ़ैसले, हर निर्णय का आधार होना चाहिए - ‘इंडिया फर्स्ट’।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 78वें एपिसोड की शुरुआत में पीएम मोदी ने लोगों से कई सवाल पूछे। इनके जवाब देकर आप इनाम भी जी सकते हैं। उन्‍होंने तोक्‍यो ओलिंपिक्‍स के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानने और दूसरों को बताने की अपील की। पीएम मोदी ने मशहूर धावक मिल्‍खा सिंह को भी याद किया। सिंह का कुछ दिनों पहले कोविड के उबरने के बाद निधन हो गया था।

डॉक्‍टर्स, CAs को पीएम मोदी का सलाम

अगले महीने की पहली तारीख को डॉक्‍टर्स डे और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे है। पीएम मोदी ने कहा कि 'कोरोना-काल में डॉक्‍टर्स के योगदान के हम सब आभारी हैं। हमारे डॉक्टर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए हमारी सेवा की है इसलिए, इस बार नैशनल डॉक्‍टर्स डे और भी ख़ास हो जाता है।' मोदी ने देश के CAs को कुछ याद भी दिलाया। उन्‍होंने कहा, "मैंने कुछ वर्ष पहले देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से, ग्लोबल लेवल की भारतीय ऑडिट फर्म्स का उपहार मांगा था। आज मैं उन्हें इसकी याद दिलाना चाहता हूं।"

पौधों के औषधीय गुणों का भी जिक्र

पीएम ने 'मन की बात' में कहा, "मुझे नैनीताल से परितोष ने लिखा है कि, उन्हें गिलोय और दूसरी कई वनस्पतियों के इतने चमत्कारी मेडिकल गुणों के बारे में कोरोना आने के बाद ही पता चला। मध्य प्रदेश के सतना के एक साथी हैं श्रीमान रामलोटन कुशवाहा जी, उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है। रामलोटन जी ने अपने खेत में एक देशी म्यूज़ियम बनाया है। इस म्यूज़ियम में उन्होंने सैकड़ों औषधीय पौधों और बीजों का संग्रह किया है। इन्हें वो दूर–सुदूर क्षेत्रों से यहां लेकर आए है। इसके अलावा वो हर साल कई तरह की भारतीय सब्जियां भी उगाते हैं। ये एक बहुत अच्छा प्रयोग है जिसे देश के अलग–अलग क्षेत्रों में दोहराया जा सकता है।"

मॉनसून का महत्‍व भी समझा गए पीएम मोदी

पीएम मोदी ने मॉनसून सीजन का जिक्र करते हुए कहा कि 'बादल जब बरसते हैं तो केवल हमारे लिए ही नहीं बरसते, बल्कि बादल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बरसते हैं। बारिश का पानी जमीन में जाकर इकठ्ठा भी होता है, जमीन के जलस्तर को भी सुधारता है। और इसलिए मैं जल संरक्षण को देश सेवा का ही एक रूप मानता हूं।' पीएम ने उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के सच्चिदानंद भारती का नाम लिया जिन्‍होंने उफरैंखाल क्षेत्र में पानी का बड़ा संकट समाप्त किया है।

वैक्‍सीन का डर पीएम मोदी ने निकाला

मध्‍य प्रदेश के एक ग्रामीण से बात करते हुए पीएम मोदी ने लोगों के मन से वैक्‍सीन का डर भगाने की कोशिश की। फोन पर ग्रामीण राजेश हिरावे ने बताया कि वॉट्सऐप पर आए संदेशों के चलते वह डर गया और टीका नहीं लगवाया। इसपर पीएम मोदी ने अपना और अपनी मां का अनुभव बताया और कहा कि वैक्‍सीन से डरने की कोई जरूरत नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि "साल भर, रात-दिन इतने बड़े-बड़े वैज्ञानिकों ने काम किया है और इसलिए हमें विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए, वैज्ञानिकों पर भरोसा करना चाहिए और ये झूठ फैलाने वाले लोगों को बार-बार समझाना चाहिये कि देखिए भई ऐसा नहीं होता है, इतने लोगों ने वैक्‍सन ले लिया है कुछ नहीं होता है।"

छोटी जगहों से आए प्‍लेयर्स के बारे में पीएम ने बताया

प्रधानमंत्री ने छोटे-छोटे शहरों, कस्बों, गांवों से निकल कर आने वाले खिलाड़‍ियों के बारे में भी बताया। आर्चरी के प्रवीण जाधव, हॉकी की नेहा गोयल, तीरंदाजी में दीपिका कुमार का नाम गिनाया। उनके बारे में बताया। पीएम ने कहा कि 'जीवन में हम जहां भी पहुंचते हैं, जितनी भी ऊंचाई प्राप्त करते हैं, जमीन से ये जुड़ाव, हमेशा, हमें अपनी जड़ों से बांधे रखता है।'

मिल्‍खा सिंह से लिया था एक वादा

पिछले दिनों मशहूर धावक मिल्‍खा सिंह का निधन हो गया था। पीएम मोदी ने उन्‍हें याद करते हुए कहा जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। बात करते हुए मैंने उनसे आग्रह किया था… मैंने कहा था कि आपने तो 1964 में तोक्‍यो ओलिंपिक्‍स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए इस बार, जब हमारे खिलाड़ी ओलिंपिक्‍स के लिए तोक्‍यो जा रहे हैं, तो आपको हमारे एथलीट्स का मनोबल बढ़ाना है, उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है। वो खेल को लेकर इतना समर्पित और भावुक थे कि बीमारी में भी उन्होंने तुरंत ही इसके लिए हामी भर दी लेकिन, दुर्भाग्य से नियति को कुछ और मंजूर था।"

ओलिंपिक के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील

पीएम मोदी ने सबसे पहले लोगों से ओलिंपिक को लेकर कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि 'भारत ने पहले कैसा परफॉर्म किया है? हमारी तोक्‍यो ओलिंपिक्‍स के लिए अब क्या तैयारी है? ये सब ख़ुद जानें और दूसरों को भी बताएं। मैं आप सब से आग्रह करना चाहता हूं कि आप इस क्विज में ज़रुर हिस्सा लीजिए।"

एक दिन पहले साझा क‍िया पुराना एपिसोड

शनिवार को पीएम मोदी ने 'मन की बात' का एक पुराना एपिसोड ट्विटर पर शेयर क‍िया। 'अंतरराष्‍ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस' के अवसर पर क्लिप साझा करते हुए मोदी ने कहा कि 'नशा मुक्‍त भारत' के सपने को साकार करना है। 'मन की बात' के उस एपिसोड में पीएम ने ड्रग्‍स की लत से उबरने से जुड़े कई पहलुओं पर बात की थी।

पिछली बार क्‍या बोले थे पीएम?

30 मई को 'मन की बात' के आखिरी एपिसोड में पीएम मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर से जीत का रास्ता बताया था। चूंकि उसी दिन मोदी सरकार को सत्‍ता में आए 7 साल पूरे हुए थे तो पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई थीं। मोदी ने कई कोविड वारियर्स से भी बात की थी जिनमें एयरफोर्स के ग्रुप कैप्‍टन, ऑक्सिजन टैंकर ड्राइवर, ऑक्सिजन एक्‍सप्रेस के लोको पायलट शामिल रहे।