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बिजली विभाग के संविदा अकुशल श्रमिकों पर हो रहे लगातार घातक विद्युत दुर्घटना पर राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग ने जताई नाराजगी

बिजली विभाग के संविदा अकुशल श्रमिकों पर हो रहे लगातार घातक विद्युत दुर्घटना पर राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग ने जताई नाराजगी

रायपुर, 6 जून। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कम्पनी में 2016 व 2018 में  संविदा लाईन परिचारक की हजारों की संख्या में सीधी भर्ती हुई है। इन लाइन परिचारकों की भर्ती अकुशल श्रमिक के रूप में गड्ढा खोदने, सामानों का परिवहन, तथा सभी मैदानी कार्यों के लिए की गई है। लेकिन बिजली विभाग में वर्तमान में बहुत संख्या में नियमित कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं जिसके कारण विभाग कर्मचारियों की कमी हो रही है। नियमित कर्मचारियों के इन्ही कमियों के एवज में विभाग द्वारा संविदा लाईन परिचारक के पदनाम वाले अकुशल श्रमिकों को 11 केवी और 33केवी के शिरोपरी लाइन में कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण लगातार अनेकों घातक विद्युत दुर्घटना हो गयी और कइयों की मृत्यु भी हो गयी है।


राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग ने लिया संज्ञान

इन संविदा अकुशल श्रमिकों की लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग ने विभाग पर नाराजगी जाहिर करते हुए संज्ञान में लिया है तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कम्पनीज के अध्यक्ष को घटनाओं के संबंध में पत्र भेजा है। 

 अकुशल श्रमिकों पर हो रहे शोषण को बंद करने की अपील

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष सोनवानी ने कम्पनी प्रबंधन द्वारा संविदा श्रमिकों पर हो रहे शोषण को शीघ्र ही बंद किये जाने की अपील की है तथा उन्हें जिस कार्य हेतु नियुक्त किया गया है उनही कार्यों को करने हेतु निर्देशित किये जाने की बात कही।