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बसपा सुप्रीमो ने कहा - आरएसएस के एजेण्डे को देश के लोगों पर थोपना चाहती है मोदी सरकार

बसपा सुप्रीमो ने कहा -  आरएसएस के एजेण्डे को देश के लोगों पर थोपना चाहती है मोदी सरकार

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने की वजह कांग्रेस के कारनामो को देते हुये कहा कि मोदी और योगी सरकारें संवैधानिक दायित्व व राजधर्म निभाने के बजाय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के संकीर्ण व विभाजनकारी एजेण्डे को देश के लोगों पर जबरदस्ती थोपने की कोशिश करती रहती है।

सुश्री मायावती ने बुधवार को प्रदेश के करीब 10 मण्डलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि आजादी के बाद से भाजपा अपना नाम बदलते रहने के बावजूद लगातार देश की सत्ता से लगभग बाहर ही रही लेकिन अब कांग्रेस पार्टी के काले कारनामों की वजह से देश व यूपी की सत्ता में आ गई है। भाजपा मानवतावादी संविधान को लागू करने का संवैधानिक दायित्व व राजधर्म निभाने के बजाय आरएसएस के संकीर्ण व विभाजनकारी एजेण्डे को देश के लोगों पर जबरदस्ती थोपने की कोशिश में लगी रहती है।

उन्होने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों व कार्यकलापों से करोड़ों लोगों पर बढ़ती गरीबी, हर प्रकार की महंगाई, अति बेरोजगारी, व्यर्थ के तनाव व हिंसा की भरमार रही है जिससे यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता त्रस्त व बदहाल है और इनसे मुक्ति पाने को बेचैन लगती है। यही कारण है कि भाजपा अपना जनाधार व लोकप्रियता भी बहुत तेजी से खोती चली जा रही है।

बसपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी लोगाें की पहली पसन्द बनकर उभर रही है। इसीलिए जनता की आशाओं व उपेक्षाओं पर बसपा के लोगों को अभी से ही खरा उतरना लाज़िमी हो गया है। बसपा को सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की एक अनुशासित पार्टी की अपनी खास पहचान बनाए रखने के लिए सही लोगों को ही आगे बढ़ाना है, पार्टी के जिम्मेदार लोगों को इस बात का ख़ास ख़्याल रखना होगा।

उन्होने कहा कि यूपी अभी कोरोना प्रकोप के सदमे व हताशा से अभी उभरा भी नहीं है कि बाढ़ की समस्या के साथ-साथ डेंगू बुखार से भारी संख्या में बच्चों की हो रही मौतों की खबर अति-दुःखद व अति-चिन्तनीय है जिसके प्रति सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, वरना फिर हालात के बेकाबू होने से पूरे राज्य में लोग और भी ज्यादा परेशान हाेंगे। पार्टी के लोगों को उन्होंने निर्देश दिया कि वे लोग अपनी हैसियत के हिसाब से मुसीबतजदा लोगों की यथासंभव मदद उसी प्रकार से करते रहें जिस प्रकार से उन्होंने खासकर कोरोना प्रकोप के दौरान लोगों को सहायता प्रदान की है।