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मानसून सत्र का हुआ आगाज, दिवंगत पूर्व विधायकों-सांसदों को दी गई श्रद्धांजलि,कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित

मानसून सत्र का हुआ आगाज, दिवंगत पूर्व विधायकों-सांसदों को दी गई श्रद्धांजलि,कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित

 दिवंगतों के सम्मान में विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सोमवार से मानसून सत्र का आगाज हो गया। पहले दिन दिवंगत पूर्व विधायकों व पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई। इनमें पूर्व विधायक गुलाब सिंह, सोमप्रकाश गिरी, बालाराम वर्मा, पूर्व सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला, पूर्व छग विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान, पूर्व राज्यमंत्री डा. शक्राजीत नायक एवं पूर्व सांसद रामाधार कश्यप के सम्मान में विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई।
विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने आज की कार्यवाही शुरू होते ही सभी दिवंगतों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके राजनैतिक जीवन पर प्रकाश डालते अपनी व सदन की ओर से श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिवंगतों के व्यक्तिगत व राजनैतिक जीवन की बातें कहते उन्हें सभी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक स्व. गुलाब सिंह के बारे में कहा कि उनके साथ बहुत कम काम करने का अवसर मिला और वे बहुत कम उम्र 53 साल में ही उनका निधन हो गया वे हम सबसे बिछड़ गये। श्री बघेल ने कहा कि  गुलाब सिंह ने छात्र नेता के रूप में अपनी शुरूआत की। 1998 में वे विधायक बने तब से उनके साथ संबंध बने रहे। उनका जाना समाज और प्रदेश के लिए क्षति है।
अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक सोमप्रकाश गिरी के बारे में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि वे काफी सक्रिय नेता थे। काफी अनुभव उनसे हमें मिला है। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व विधायक स्व. बालाराम वर्मा के बारे में श्री बघेल ने कहा कि वे धार्मिक प्रवृत्ति वाले तथा सामाजिक कार्यकर्ता थे।
पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में सभी लोग धैर्य से उनकी बात सुनते थे। उनके साथ मेरा पारिवारिक संबंध रहे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष स्व. बद्रीधर दीवान के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सामाजिक, सार्वजनिक व राजनैतिक व्यक्ति थे। साथ ही वे समाज सुधारक भी थे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व राज्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन स्व. डा. शक्राजीत नायक के बारे में कहा कि वे कृषक परिवार में जन्में थे। उच्च शिक्षा में वे टॉपर रहे। उन्होंने पीएचडी भी की, लेकिन उनका मन नौकरी में सार्वजनिक जीवन में रहा। चार बार वे विधायक रहे। दो बार भाजपा और फिर कांग्रेस प्रवेश करने के बाद दो बार कांग्रेस के विधायक बने। श्री बघेल ने कहा कि अपने क्षेत्र के प्रति वे हमेशा जागरूक रहे। छोटी-छोटी समस्या को भी सदन में उठाया करते थे। वे सजग, मिलनसार एवं जागरूक प्रतिनिधि थे। श्री बघेल ने कहा कि पूर्व राज्यसभा सांसद रामाधार कश्यप को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे काफी वरिष्ठ नेता थे।
मुख्यमंत्री ने सदन में कारगिल विजय दिवस को याद करते हुए कहा कि आज के ही दिन हमारे जवानों ने कारगिल युद्ध पर विजय हासिल की थी। इस दौरान शहीद हुए जवानो को नमन करते हुए श्रद्धांजलि देता हूं।
मुख्यमंत्री के बाद नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत सत्ता और विपक्ष के अन्य कई सदस्यों ने भी दिवंगतों के व्यक्तिगत व राजनैतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंत: में सदन ने दिवंगतों को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद दिवंगतों के सम्मान में सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई।