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मनुष्य के जीवन में उसकी आयु की लंबाई हो ना हो पर गहराई जरूर होनी चाहिए

मनुष्य के जीवन में उसकी आयु की लंबाई हो ना हो पर गहराई जरूर होनी चाहिए

 सक्ति l भारत पुण्य भूमि है जहां देवी और देवताओं का अवतार होता है और ऐसे धर्म भूमि पर जन्म पाने के लिए देवता भी तरसते हैं l सनातन धर्म संपूर्ण विश्व का मुख्य धर्म है जिसमें स्व कल्याण से परे सर्व कल्याण और विश्व शांति की कामना की जाती है l मनुष्य के जीवन में उसकी आयु की लंबाई हो ना हो पर गहराई जरूर होनी चाहिए , तभी वह स्वयं के जीवन को कृतकृत्य करते हुए समाज और सर्व कल्याण की सोचता है l मनुष्य जीवन का लक्ष्य नर से नारायण और भगवत परायण होना ही है उक्त उद्गार शक्ति नगर में निगानिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा महोत्सव के सातवें दिन व्यासपीठ से आचार्य राजेंद्र महाराज ने व्यक्त किया l

     आचार्य द्वारा देवी पर अंबिका के द्वारा महिषासुर शुंभ निशुंभ चंड मुंड आदि दानवों के संघार एवं राजा नहुष की कथा सुनाई गई उन्होंने बताया की भगवती जगदंबिका के द्वारा प्रदत्त शक्ति से ही ब्रम्हा विष्णु और महेश सृष्टि, पालन और संहार का कार्य करते हैं , देवी ही आदि शक्ति अनंत माया स्वरूपिणी है जिनके अद्भुत गुणों का बखान किसी भी देवताओं से भी संभव नहीं है l

आज की कथा में भागवत प्रवाह आध्यात्मिक सेवा संस्थान के जीवन लाल कैवर्त कटगी एवं साथी, हेमलाल जायसवाल एवं साथी रायगढ़, अनुपमा, हेमकांति, नीलम एवं नारीशक्ति मंडल के पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही।आज मीडिया जगत से सुभाष गर्ग, आर गौतम, तपेश शर्मा, संतोष सोनी आदि ने कथा श्रवण का लाभ लिया।