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केंद्र सरकार को राहत देते हुये शीर्ष कोर्ट ने दो सप्ताह का और दिया समय

केंद्र सरकार को राहत देते हुये शीर्ष  कोर्ट ने दो सप्ताह का और दिया समय

ट्रिब्यूनलों में नियुक्ति करने के लिए सरकार को सुको ने दिया दो सप्ताह का समय

नई दिल्ली । ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट 2021 की संवैधानिक वैधता और रिक्तियों से संबंधित मामले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राहत देते हुए विभिन्न न्यायाधिकरणों में नियुक्ति करने के लिए और दो सप्ताह का और समय दिया है।

वहीं नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक बाऱ फिर से फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि जब समितियों द्वारा कैंडिडेट के नामों को सुझाया गया है, तब अबतक इन पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं की गई है। चीफ जस्टिस एनवी. रमन्ना ने सुनवाई के दौरान कहा अगर पहले ही चिन्हित लोगों की लिस्ट तैयार की गई है, तब वेट लिस्ट से क्यों चुना गया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि समिति द्वारा 41 लोगों का नाम सुझाया गया लेकिन 18 की ही नियुक्ति हुई है। हमें ये भी नहीं पता कि किस आधार पर लोगों को चुना गया। 

सिफारिश वाली सूची से नियुक्ति न करने पर केंद्र सरकार को फटकार

सरकार द्वारा चुने गए नामों पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार अपने अनुसार ही उम्मीदवार को चुनेगी तो फिर चयन समिति की क्या जरूरत है। चीफ जस्टिस ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस तरह से लोगों का चयन हुआ है, हम इससे खुश नहीं है। हमने 500 लोगों लोगों का साक्षात्कार किया, जिसमें से अब तक केवल 11 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया लेकिन उनमें से सिर्फ चार लोगों का चयन हुआ और सरकार ने बाकी वेटिंग लिस्ट से चुन लिए। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने कहा कि न्यायाधिकरणों में रिक्तियों के कारण स्थिति बेहद दयनीय है और वादियों को अधर में नहीं छोड़ा जा सकता। पीठ ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से कहा कि जारी किए गए नियुक्ति पत्र से यह पता चलता है कि उन्होंने चयन सूची से अपनी पसंद से तीन लोगों और प्रतीक्षा सूची से अन्य लोगों को चुना तथा चयन सूची में अन्य नामों को नजरअंदाज किया। सेवा कानून में आप चयन सूची को नजरअंदाज करके प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति नहीं कर सकते। यह किस प्रकार का चयन एवं नियुक्ति है?

न्यायाधिकरणों में 250 पद रिक्त

बता दें कि विभिन्न प्रमुख न्यायाधिकरणों और अपीली न्यायाधिकरणों में लगभग 250 पद रिक्त हैं। शीर्ष अदालत न्यायाधिकरणों में रिक्तियों संबंधी याचिकाओं और अर्ध न्यायिक निकायों को नियंत्रित करने वाले नए कानून संबंधी मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।