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कलम बंद – काम बंद का नारा लगाते हुए हड़ताल पर चले गए पंचायत सचिव व रोजगार सहायक

कलम बंद – काम बंद का नारा लगाते हुए हड़ताल पर चले गए पंचायत सचिव व रोजगार सहायक

कोरिया। प्रदेश स्तर के आव्हान पर छत्तीसगढ़ के पंचायत विभाग के सभी ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सहायक सचिव विगत 15 से 20 दिनों से हड़ताल बैठे है । इनकी मांग है कि इनका भी संविलयन प्रदेश सरकार करे ताकि शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिल सके। राज्य सरकार से अपनी मांग मनवाने के लिए कलम बंद – काम बंद का नारा लगाते हुए हड़ताल पर चले गए है । जिससे पंचायत स्तर के काम धाम प्रभावित हो रहे है ।

जिसका सीधा असर आम जानो को भुगतना पड़ रहा है । पंचायत स्तर से संचालित होने वाले निर्माण काम पूरी तरह से ठप है । जिसका असर अब ग्रामीण मनरेगा मजदूर पर भारी पड़ने लगा है । कई मजदूर काम की तलाश में इधर उधर भटकने के लिए मजबूर हो गए है । क्योंकि मनरेगा संबंधित शासकीय निर्माण काम पूरी तरह बंद है। औऱ मजदूरों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। सबसे बड़ी विडंबना की बात तो ये है कि 15 से 20 दिन हो गए सचिवो के हड़ताल को लेकिन राज्य सरकार से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नही आई है । जिससे सचिव संघ अपने आंदोलन को ओर तेज गति देने कई प्रदर्शन कर रहे है । 

सोनहत ब्लॉक के सचिव संघ धरने स्थल में अपनी मांगों को संगीत रूप दिया है ।हर दिन नए प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने हड़ताल पर बैठे सचिव संघ कोशिस लगातार कर रहे है ।पर राज्य सरकार है कि ध्यान नही दे रही है । भाजपा,गोंडवाना गड़तंत्र पार्टी भी सचिव संघ के धरने स्थल पहुच कर समर्थन दे रही है । सचिव संघ की मांग को जायज बता कर आगे उग्र आंदोलन में सचिव संघ के साँथ खड़े होने की बात सामने आ रही है । तमाम वर्तमान स्थिति को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है । कि शिक्षा कर्मियों के आंदोलन के बाद दूसरी बड़ी आंदोलन बन सकती है ।

जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि अभी तक राज्य सरकार से कोई प्रतिक्रिया नही आई है । और पंचायत सचिव संघ पूरे प्रदेश के अपनी मांगों को लेकर धरने स्थल में ही अड़े हुए है । जिसका खामियाजा सीधा आम जन के जीवन यापन में पड़ता दिख रहा है ।हर दिन नए प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने हड़ताल पर बैठे सचिव संघ कोशिस लगातार कर रहे है ।पर राज्य सरकार है कि ध्यान नही दे रही है । भाजपा,गोंडवाना गड़तंत्र पार्टी भी सचिव संघ के धरने स्थल पहुच कर समर्थन दे रही है ।

सचिव संघ की मांग को जायज बता कर आगे उग्र आंदोलन में सचिव संघ के साँथ खड़े होने की बात सामने आ रही है । तमाम वर्तमान स्थिति को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है । कि शिक्षा कर्मियों के आंदोलन के बाद दूसरी बड़ी आंदोलन बन सकती है । जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि अभी तक राज्य सरकार से कोई प्रतिक्रिया नही आई है । और पंचायत सचिव संघ पूरे प्रदेश के अपनी मांगों को लेकर धरने स्थल में ही अड़े हुए है । जिसका खामियाजा सीधा आम जन के जीवन यापन में पड़ता दिख रहा है ।