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कोविड नियंत्रण के लिए एक लाख 25 हजार से अधिक लोगों को दी गई कोरोना रोधी दवा किट

 कोविड नियंत्रण के लिए एक लाख 25 हजार से अधिक लोगों को दी गई कोरोना रोधी दवा किट

कोरबा । जिले में कोरोना संक्रमण के रोकथाम और कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों और कोरोना के संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को कोरोना रोधी दवाईयों का किट प्रदान किए जा रहे हैं। एक्टिव सर्विलेंस टीम द्वारा घर-घर जाकर सर्दी, बुखार, खांसी जैसे लक्षण युक्त लोगों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों को कोरोना जांच कराने की सलाह दी जा रही है साथ ही जांच रिपोर्ट आने तक कोरोना प्रोफाईलैक्सिस दवाईयों का सेवन करने की भी सलाह लोगों को दी जा रही है। जिले में अभी तक कुल एक लाख 25 हजार 718 लोगों को दवाईयों का किट प्रदान किया जा चुका है। मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल शिक्षक एवं एएनएम की टीमों द्वारा रोजाना लोगों के घर-घर तक जाकर लक्षणयुक्त लोगों की पहचान की जा रही है और दवाईयों के किट का वितरण किया जा रहा है। जिले में सबसे अधिक नगर पालिक निगम कोरबा में 56 हजार 739 दवाईयों के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार विकासखण्ड कटघोरा में 26 हजार 948, पाली में 16 हजार 690, करतला में सात हजार 582 एवं विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा में पांच हजार 553 कोरोना रोधी दवाईयों की किट वितरित किए जा चुके हैं।
सीएमएचओ डॉ बी. बी. बोडे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्तियों के त्वरित इलाज और उन्हें गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाने के लिए मितानिनों एवं सर्विलेंस टीमों द्वारा दवाईयों की किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, विटामिन-सी और जिंक की टैबलेट शामिल हैं। जिले में कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों को दवा किट उपलब्ध कराने से अच्छे परिणाम आए हैं और कोविड संक्रमण की दर में गिरावट आई है। जांच केंद्रों और अस्पतालों में कोरोना जांच के लिए पहुंच रहे इसके लक्षण वाले लोगों को भी दवा किट मुहैया कराया जा रहा है। मितानिनों और सर्विलेंस टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों व कन्टेनमेंट जोनों में एक्टिव सर्विलेंस के दौरान कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों को भी कोरोना के इलाज और बचाव के लिए दवाईयां दी जा रही है। महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं भी दवाईयों की किट तैयार करने में लगे हुए हैं जिससे दवाईयों की आपूर्ति कोरोना मरीजों और संदिग्ध लक्षण वाले लोगों तक लगातार बनी हुई है।