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सात सूत्रीय मांग को लेकर पंचायत सचिव ने मुख्यमंत्री के नाम सौपे ज्ञापन

सात सूत्रीय मांग को लेकर पंचायत सचिव ने मुख्यमंत्री के नाम सौपे ज्ञापन

भानुप्रतापपुर। एक  दिवसीय हड़ताल करते हुए आज शुक्रवार को सचिव संघ भानुप्रतापपुर के द्वारा अपने सात सूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम से एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौपा है। ज्ञापन के माध्यम से पंचायत सचिव ने कहा कि छ.ग. प्रान्त में वर्तमान में 10568 पंचायत सचिव कार्यरत है । जो कि निरन्तर ग्रामीण अंचल में अपनी सेवाएं दे रहे है । 

     1. यह कि पंचायत सचिव 29 विभागो के 200 प्रकार के कार्य को जमीनी स्तर तक जिम्मेदारी के साथ ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए , राज्य शासन एवं केन्द्र शासन के समस्त योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अति महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देते है । 2. यह कि वर्तमान वैश्विक महामारी कोविड -19 में ग्रामीण जन की सुरक्षा हेतु कोक्डि से संबधित समी प्रकार के कार्य कोविड टेस्ट , टीकाकरण , इत्यादि महत्वपूर्ण कार्य को सफलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है । 3. यह कि शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना नरूवा , गरूवा , घुरूवा अउ बारी के तहत् ग्राम गौठान एवं मनरेगा में कार्यों को जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन कर रहे है । 4. यह कि शासन / प्रशासन . के दिशा निर्देश एवं पंचायत सचिवों के कडी मेहनत तथा कार्य के प्रति लगन एवं सच्ची निष्ठा का ही परिणाम है कि छ.ग. शासन को राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर 12 राष्ट्रीय पुरूस्कारों से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है । 5. यह कि पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने हेतु छ.ग. प्रदेश के 65 सम्मानीय विधायक गण द्वारा अनुशंसा किया गया है । 6. यह कि पंचायत सचिव को कार्य करते हुए 25 वर्ष से अधिक हो गया है । पंचायत सचिवों के साथ नियुक्त हुए अन्य विभाग के कर्मचारी जैसे शिक्षक कर्मी को शासकीय करण कर दिया गया है । 

7. यह कि पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने से शासन / प्रशासन को वार्षिक वित्तीय भार लगभग 75 करोड आयेगा जो कि नही के बराबर है ।