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किसान मजबूर, धान खरीदी को लेकर बारदाने का संकट शुरू

किसान मजबूर, धान खरीदी को लेकर बारदाने का संकट शुरू

चांपा। जिले में धान खरीदी को लेकर बारदाने का संकट शुरू से ही बना हुआ है जिसे लेकर जिला प्रशासन सख्त रुख अख्तियार करते हुए संबंधित अधिकारियों को बारदाने की उपलब्धता को लेकर हर संभव कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं बावजूद किसानों को बारदाना नहीं मिल पा रहा है आलम यह है अनेकों धान खरीदी केंद्रों में प्रबंधक द्वारा बारदाना नहीं होने का पूरा ठिकरा डीएमओ के ऊपर डाल दिया जा रहा है।

 प्रबंधकों का कहना है कि बारदाने की कमी को लेकर दर्जनों बार उनके द्वारा अधिकारियों को अवगत कराया जाता है लेकिन जिला डीएमओ ना तो पत्रकारों का फोन रिसीव करते हैं और ना ही समिति प्रबंधकों का यूं कहें अधिकारी मन मुताबिक काम करते हैं उन्हें किसानों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है वह इस मामले पर बारदाना की उपलब्धता को लेकर तहसीलदार एसडीएम भी तत्परता नहीं दिखा रहे हैं जिसका फायदा व्यापारियों को हो रहा है।

 धान बेचने वाला किसान मजबूर है वह अपने धान को बेचने के लिए आसपास की दुकानों में बारदाना खरीदने जाता है तो उसे बारदाना 25 से 40 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से मार्केट में उपलब्ध होता है वही इस बारदाने की कीमत समिति प्रबंधकों के बताए अनुसार 15 रुपये शासन की ओर से दिया जा रहा है।

 अब सवाल यह उठता है किसान 15 रुपये के बारदाने को 40 रुपये में लाकर धान की बिक्री करेगा वही 10 से 15 रुपये के बोरे को व्यापारी दुगने कीमत पर किसानों को बेच रहे हैं ऐसे मामलों पर वरीय जिम्मेदार अधिकारी मौन है जिसका फायदा व्यापारी उठा रहे हैं वहीं अनेको समिति के प्रबंधकों द्वारा बारदाने की कमी को बताते हुए बारदाना होते हुए भी बारदाना के एवज में पैसा लेने की शिकायत भी सामने आ रही है लेकिन किसान अपनी शिकायत किससे करें उसे धान बेचना है यदि वह शिकायत की बात करेगा तो समिति के प्रबंधक उसकी धान की खरीदी लेट में करेंगे जिससे वह परेशान हो रहा है कुल मिलाकर समिति प्रबंधक बारदाने का ओवरस्टॉक रखे हुए दुकानदार अन्न दाताओं को दुगने से भी अधिक कीमत पर बोरा बेचने को तैयार हैं और मजबूर किसान खरीद भी रहा है। ऐसे मामलों पर आखिर कब जिला प्रशासन तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई करता है यह देखने वाली बात है