देयक जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त, करोड़ों रूपये का आबंटन डूबने का खतरा

 देयक जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त, करोड़ों रूपये का आबंटन डूबने का खतरा

                                   

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समस्त विभागाध्यक्षों, आयुक्तों व विभाग प्रमुख, आहरण संवितरण अधिकारियों को विभागों में विभिन्न मदों में प्राप्त आबंटन राशि के आहरण हेतु देयक जमा करने की अंतिम तिथी 25 मार्च 2020 निर्धारित किया था, जो कल समाप्त हो गया है। इससे 21 दिनों तक ‘लाॅकडाउन‘‘ के कारण अनेक विभागों ने देयक जमा नहीं किया, किंतु जिन विभागों से देयक जमा हुए है, उनकी अत्यधिक संख्या से प्रदेश के कोषालयीन अधिकारी-कर्मचारी परेशान है। प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध ने कोषालयीन कर्मचारियों को भी जान को जोखिम में डालकर कार्य करने के कारण ‘‘कोरोना भत्ता‘‘ दिए जाने की मांग की है।              

        छत्तीसगढ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के प्रवक्ता विजय कुमार झा तथा जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि प्रति वर्ष वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर देयक जमा करने की अंतिम तिथी निर्धारित की जाती है। निर्धारित समय में सभी विभागा अपने देयक जमा कर भी देते थे, किंतु इस वर्ष विशेष परिस्थिति में करोना वायरस के संक्रमण के कारण 14 अप्रेल तक समस्त शासकीय कार्यालय बंद होने व धर से बाहर न निकलने के आदेश के कारण अधिकारी कर्मचारी कार्यालय न पहुंच पाने के कारण विभिन्न विभागों को प्राप्त करोड़ों का आबंटन डूब गया। दूसरी ओर पुलिस, स्वास्थ कर्मचारियों, नगरीय निकाय केे कर्मचारियों की भाॅति कोषलय व जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी इस महामारी से निपटने के लिए सेवारत् है। अकेले रायपुर जिला कोषालय में 4000 से अधिक देयक जमा किए गए है, इसी आधार पर 28 जिलों में 50 हजार के लगभग देयक जमा हुए है, उन्हें पारित करने व स्वीकृत करने में कोषालयीन कर्मचारियों का पसीना छूट रहा है। विभिन्न विभागों से देयक व बीटीआर जमा करने वाले कर्मचारियों व कोषालयीन कर्मचारियों में आपस में संक्रमण का भय व्याप्त है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के कोषालयीन कर्मचारियों को भी देयक प्राप्त करने व स्वीकृत करने में छूट प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार लाॅकडाउन का पालन कराते हुए उन्हें तथा जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों को कोरोना भत्ता प्रदान करने का निर्णय लेने की मांग संध के प्रांताध्यक्ष पी.आर.यादव, संभागीय अध्यक्ष उमेश मुदलियार, प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय तिवारी, स्वास्थ विभागीय संयोजक संजय शर्मा, स्वास्थ संयोजक संध के प्रांताध्यक्ष टार्जन गुप्ता, महासचिव प्रवीण ढिढवंशी, अनियमित कर्मचारी संध अध्यक्ष बजरंग मिश्रा, विश्वविद्यालय कर्मचारी संध अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर, महासचिव प्रदीप मिश्रा, नगर निगम कर्मचारी महासंध के कर्मचारी नेता बल्लभ शर्मा, अशोक मिश्रा, राजू दुबे, शिक्षा विभाग के संयोजक दिनेश मिश्रा, हर्षवर्धन झा, डाॅ. अरूंधति परिहार, पीएचई. संयोजक विमल चंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी, अशोक जाधव, क्रेडा कार्मिक कल्याण संध प्रदेशाध्यक्ष संजय सक्सेना, निगम मण्डल कर्मचारी महासंध अध्यक्ष राजकुमार अवस्थी, पंजीयक व मुद्रांक कल्याण संध संरक्षक एस.एल.साहू, सुंदर यादव, नरेश वाढ़ेर, दयानंद मुदलियार, कुंदर साहू, अमर मुदलियार, अतुल दुबे, संतोष प्रसाद चैबे, सतींश शर्मा, आदि नेताओं ने मुख्यमंत्री  भूपेश बधेल से की है।

chandra shekhar