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भानुप्रातपपुर : फिर हाथियों पर बरसाए गए पत्थर, हाथियों पर हो रहे अत्याचार की शिकायत डीएफओ ने सीसीएफ से की

भानुप्रातपपुर : फिर हाथियों पर बरसाए गए पत्थर, हाथियों पर हो रहे अत्याचार की शिकायत डीएफओ ने सीसीएफ से की

बालोद।  शुक्रवार को 22 हाथियों के दल ने  बस्तर के भानुप्रातपपुर जंगल में प्रवेश किया।  भानुप्रतापपुर वन क्षेत्र से लगे गांव के ग्रामीणों ने उन पर  पत्थर बरसाए । मशाल एवं टार्च जलाकर कर हाथियों को वापस बालोद जिले की वन क्षेत्र सीमा रजोलीडीह जंगल भेज दिया।  डीएफओ ने भानुप्रतापपुर वन क्षेत्र में हाथियों पर हो रहे अत्याचार की शिकायत सीसीएफ से की है।

 भानुप्रतापपुर डीएफओ व बालोद डीएफओ आमने-सामने हो गए हैं। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस घटना की जानकारी वन विभाग मुख्यालय रायपुर तक पहुंच गई है। शुक्रवार रात्रि हाथियों का दल वापस आने के बाद शनिवार को दिनभर दल की खबर नहीं मिली। डौंडी वन परिक्षेत्र रेंजर पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि शुक्रवार को दल रजोलीडीह के जंगल में था, लेकिन शनिवार से उनकी खबर नहीं है। 

भानुप्रतापपुर डीएफओ मनीष कश्यप ने कहा कि हम अपने वन क्षेत्र से लगे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग बालोद ने कोरर जंगल के पास पुलिया पर मशाल जला कर अपनी टीम की तैनाती कर दी है। जबकी हाथियों का दल कोरर जंगल जाना चाह रहे है। हम भी खुद चाहते हैं कि हाथी अपने रास्ते चले जाएं। रास्ते पर वन विभाग बालोद के कर्मचारी बैठ गए हैं। इस वजह से हाथी गांव में घुस गए थे, जिसे भगाने गांव वालों ने पटाखे फोड़े, डमरू बजाए व कुछ जगहों पर पत्थरबाजी की भी शिकायत मिली है। हम ग्रामीणों को समझा भी रहे हैं कि हाथियों के साथ छेडख़ानी न करें।

 बार-बार हो रही पत्थरबाजी से हाथियों को गुस्सा न आ जाए। डर भी है कि गुस्से में आने से अनहोनी  घटना घट सकती है। लेकिन यह बात ग्रामीण नहीं समझ रहे है।

वन विभाग के मुताबिक तीन दिन पहले भी हाथियों दल इरागांव के पास पहाड़ पर चढऩे का प्रयास किया, लेकिन भानुप्रतापपुर की सीमा से लगे गांव के ग्रामीणों ने पत्थर बाजी कर दी। यही घटना शुक्रवार शाम 7 बजे हुई। इस बार हाथी पहाड़ को पार कर भानुप्रतापपुर के एरिया में प्रवेश कर चुके थे। पत्थरबाजी, मशाल जलाने के कारण रात्रि 9 बजे के करीब रजोलीडीह के जंगल में आ गए, जो अभी भी वहीं पर मौजूद है।