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किसानों का पक्षधर नहीं बल्कि कॉरपोरेट घरानें का गुलाम है मोदी सरकार

किसानों का पक्षधर नहीं बल्कि कॉरपोरेट घरानें का गुलाम है मोदी सरकार

रायपुर । संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के घटक संगठनों द्वारा  आज 26 मई को खेतो, खलिहानों, घरों में काला दिवस मनाते हुए किसान अपने घरों, गाडिय़ों में काला झण्डा लगाए और केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया धमतरी जिले में भी संयुक्त किसान मोर्चा के किसान साथी अपने अपने घरों में खेतों खलिहान में जगह जगह किसान आंदोलन के समर्थन में केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के 7 सालों में किसानों नौजवानों बेरोजगारों मजदूरों सहित समाज के सभी वर्गों का दमनकारी नीतियों के तहत जो शोषण किया है उसके विरोध में नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करते काला दिवस मनाते हुए किसान आंदोलन का समर्थन किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता शत्रुहन साहू टिकेश्वर साहू निशांत भट्ट अशफाक हाशमी रसूल खान राम विशाल साहू ने गांधी मैदान कचहरी चौक धमतरी में ग्राम बोरडा में भीखम साहू देमार में सत्यम पुरी गोस्वामी बड़े करेली में राकेश साहू सोरम में सनत निर्मलकर सुपेला में दिग्विजय साहू युगल किशोर करेठा में अजय घोघरे कोड़ेबोड में मनोज भतहपरी अंवरी में भुनेश्वर साहू ललित नागरची मनोज नागरची परसतराई में नीरज साहू मड़ेली में चेतन साखरे कुरूद में पुरुषोंत्तम चंद्राकर सरबदा में संत कुमार साहू गुजरा में कृष्णकांत कुंजाम चोवा राम भेंड्रा में निहाल साहू दोनर में रवि रात्रि कुहकूहा में डेहर लाल साहू भवरमरा खेमू ध्रुव गातापर में अनिल साहू सेनचूवा में सोहन मंडावी पचपेड़ी में भिखारी राम साहू बंगोली में कोमल कुर्रे सिर्वे में उत्तम साहू सहित  और कईयों किसानों ने अनेकों जगहों पर दिल्ली में विगत 6 माह से तीनों कृषि कानून की वापसी एवं समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी का अधिकार की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान मोर्चा के आवाहन पर नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर काला दिवस मनाया किसान मोर्चा के अधिवक्ता शत्रुहन साहू टिकेश्वर साहू   निशांत भट्ट भुनेश्वर साहू अशफाक हाशमी सनत निरमलकर रामविशाल साहू दिग्विजय साहू मनोज भत पहरी  ने आगे  कहा कि साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने हर हर मोदी, घर घर मोदी  बहुत हुई महंगाई की मार अबकि बार मोदी सरकार, बहुत हो गई भ्रष्टाचार अबकि बार मोदी सरकार जैसे नारे देकर, पेट्रोल डीजल की दामों को कम करने जैसे लोक लुभावन वायदे किये थे। लेकिन  सात साल बाद उनके वायदे केवल जुमले बनकर रह गये। जिस प्रकार हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार प्रत्येक लोगो के खातों में 15-15 लाख रुपये देने एवं किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा किया था जो आज झूठा साबित हो चुका है।

उल्टे कृषि को कॉरपोरेटों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बाजार के हवाले करने की नियत  से तीन नई कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी कानून को जबरदस्ती थोपा है जिसके खिलाफ किसानों का आन्दोलन विगत 6 माह से निरंतर जारी है वहीं बीजेपी आरएसएस की घटक दल भारतीय किसान संघ का सहारा ले रहा हूं जबकि विगत 6 माह से जारी किसान आंदोलन ने भारतीय किसान संघ के बीजेपी और कारपोरेट के इशारे पर बयान बाजी कर अपना जनाधार को समाप्त कर लिया है कृष्णकांत सत्यम पुरी गोस्वामी चेतन साखरे नीरज साहू राकेश साहू विक्रम साहू संतकुमार साहू कोमल कुर्रे ललित नगार्ची ने कहा कि मोदी सरकार सभी सार्वजनिक संस्थानों जैसे रेल्वे, बैंक, बीमा, भेल, हवाई आदि को नीजि हाथों में बेचने के बाद कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए ही तीनों कृषि कानून को लाकर एमएसपी को खत्म करने का षड्यंत्र किया है साथ ही श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूर विरोधी चार कोड बिल बनाया,  कोरोना जैसे महामारी के पहले चरण में नमस्ते ट्रंप और दूसरे चरण में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बहाने कोरोना संक्रमण को हल्के में लिया जिससे लाखों लोग अपनी जान गवां चुके हैं, उसके बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय अनावश्यक रूप से करोड़ों रुपए खर्च कर सेंट्रल वीष्टा बनाने में लगा हुआ है।  महंगाई मुनाफाखोरों, कालाबाजारियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। अर्थात् मोदी सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुआ है जो देश के मेहनतकश मजदूर किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए किसी अंधकारमय दिन से कम नहीं है।