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प्रधान संपादक सुभाष मिश्र की कलम से - वैक्सीन की कमी कहीं तीसरी लहर को मौन निमंत्रण तो नहीं

प्रधान संपादक सुभाष मिश्र की कलम से - वैक्सीन की कमी कहीं तीसरी लहर को मौन निमंत्रण तो नहीं

 -सुभाष मिश्र

हाल ही में अमेरिका में कोरोना की तीसरी लहर आने के समाचार वायरल हुए हैं। वहां सर्वेक्षण में पाया गया है कि तीसरी लहर का शिकार वो लोग हुए हैं जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है। वहां के अस्पताल दोबारा भरते जा रहे हैं। ईरान में तो कोरोना की पांचवी लहर कहर बरपा रही है। अमेरिका में 50 प्रतिशत आबादी वैक्सीन के दोनों डोज़ ले चुकी है और बाकी 50 प्रतिशत कोरोना संक्रमण का तीसरा डोज़ लेने को तैयार बैठा है। भारत में तो अभी 30 प्रतिशत आबादी को ही पहला डोज़ लगा है और 9 प्रतिशत को दूसरा डोज़। देश की वैक्सीनेशन की ताकत लगभग 8 करोड़ टीके प्रतिदिन लगाने की है मगर बमुश्किल 50 लाख टीके प्रतिदिन लग रहे हैं। छत्तीसगढ़ की 3.5 लाख प्रतिदिन की टीकाकरण क्षमता है जिसके हिसाब से हम एक माह में कुल 80 लाख टीके लगा सकते हैं मगर छत्तीसगढ़ को जुलाई में मात्र 20 लाख और अगस्त में 19 लाख टीके मिलना तय हुआ है। ऐसी स्थिति में अगर कोई नया वैरिएंट आया तो देश की आधी आबादी संक्रमित होने के लिए सरकारों ने बिना वैक्सीनेशन के कोरोना की खिदमत में पेश कर रखी है। उत्तर भारत के एक नेताजी कह ही चुके हैं कि कोरोना को भी जीने का अधिकार है। वो ये कहना भूल गए कि मनुष्य की मृत्यु भी अटल सत्य है और अगर कोरोना के जीने के अधिकार और इंसान के मरने के सत्य को मिला दें तो जीवन मृत्यु का चक्र पूर्ण होकर मानवता का मोक्ष तय है।

अभी कोरोना महामारी का दूसरा और दौर खत्म नहीं हुआ है लेकिन लोगों को लग रहा है कि इसका सबसे बुरा दौर बीत गया अब घबराने की कोई बात नहीं है। सभी व्यवसायिक संस्थानों, पर्यटक स्थलों पर लोगों की भीड़ उसी तरह दिखने लगी है जैसे कि मार्च में दूसरी लहर आने के पहले दिख रही थी। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क से भी लोगों ने तौबा कर ली है। संत कबीर की तरह उन्हें भी लगता है कि हम न मरैं, मरिहैं संसारा। दरअसल, कबीर के पास तो तारणहार था। कोरोना से बचने के लिए हमारे पास वैक्सीन रुपी तारणतार भी उस मात्रा में नहीं है, जो सबको बचा सके।

भारत में धीमे टीकाकरण की रफ्तार के बीच जानसन एंड जानसन की सिंगल डोज वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है। यह वैक्सीन 85 प्रतिशत कारगर है। ऐसा कहा जा रहा है किन्तु यह वैक्सीन कब तक उपलब्ध होगी इसके बारे में अभी तारीख का खुलासा नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों को यह विश्वास दिलाया था कि दिसम्बर के अंत तक देश की 95 करोड़ आबादी को टीके लग जायेंगे, अभी टीकों की रफ्तार और आपूर्ति को देखकर यह संभव नहीं दिख रहा है।

कोविड की दूसरी लहर के दौरान चिकित्सा ऑक्सीजन संकट भारत में विनाशकारी महामारी के सबसे स्पष्ट कारणों में से एक था। इस तरह के एक तीव्र ऑक्सीजन संकट की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में सबसे ज्यादा राजधानी दिल्ली प्रभावित हुई थी। दूध का जला छाछ को भी फूंक-फूंककर पीता है, इसी कहावत की तर्ज पर दिल्ली सरकार ने एक रोडमैप तैयार किया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत न हो, जिसमें अस्पताल में बिस्तर बढ़ाने, स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या, विकास जैसे कई अन्य उपाय शामिल हैं। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और पीडियाट्रिक टास्क फोर्स। रोडमैप में अस्पतालों में बिस्तर प्रबंधन, दवाओं की व्यवस्था और दिल्ली में टीकाकरण कार्यक्रम को जल्द पूरा करना भी शामिल है। दिल्ली सरकार ने अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन 37,000 मामलों को समायोजित करने के लिए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और अस्पताल के बिस्तरों को बढ़ाना शुरु कर दिया है। हालांकि, सबसे खराब स्थिति में मामले एक दिन में 45,000 तक जा सकते हैं।  

तीसरी लहर की आशंका के बीच यह सुखद सूचना है कि भारत ने आज 30,000 से कम नए कोरोना वायरस मामलों के साथ अपने सबसे कम कोविड संख्या की सूचना दी। पिछले 150 दिनों में यह पहली बार था या भारत में दैनिक केस साइड में इतनी गिरावट आई है।  स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मामले बढऩे की संभावना है। गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा स्थिर बने हुए हैं, हालांकि इन राज्यों में भी 1.0 से ऊपर एक आर तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है।   

इस समय हमारे देश में पांच टीके है कोविशील्ड, कोवैक्सिन, स्पुतनिक वी और मॉडर्न के बाद अब पांचवां टीका जेएंडजे कोविड-19 वैक्सीन बन गया है।  
देश में अभी तक वैक्सीन की खुराक 50.62 करोड़ लोगों को लग चुकी है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के 17,54,73,103 लोगों ने टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से अपनी पहली खुराक और 1,18,08,368 को दूसरी खुराक मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 52.37 करोड़ से अधिक कोविड-19 वैक्सीन खुराक प्रदान की जा चुकी है और 8,99,260 और खुराक पाइपलाइन में है।  

भारत सरकार के अनुसार अगस्त-दिसंबर के बीच सरकार को 135 करोड़ खुराक मिलने की उम्मीद है।  दूसरी लहर की भविष्यवाणी करने वाले महामारी विशेषज्ञों के अनुसार, इस महीने एक और उथली लहर भारत में आ सकती है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा किए गए सर्वेक्षण बताते हैं कि दो-तिहाई भारतीय कोविड -19 के संपर्क में आए हैं, जो दिसंबर और जनवरी में लगभग 24 प्रतिशत थे। अभी भी 400 मिलियन भारतीयों को एंटीबॉडी के बिना है। भारत की दूसरी लहर का प्राथमिक सबक यह था कि मामलों के बढऩे से पहले स्थानीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की जरूरत है।