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जीएसटी से संबंधित खामियों को सुधारने ​सीए आयुष गर्ग ने निर्मला सीतारमण को सौंपा ज्ञापन

जीएसटी से संबंधित खामियों को सुधारने ​सीए आयुष गर्ग ने निर्मला सीतारमण को सौंपा ज्ञापन

सक्ती।   लीगल मंत्र फर्मा के संचालक सीए आयुष गर्ग ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से रायपुर में मुलाकात कर जीएसटी से संबंधित खामियों को सुधारने के लिए ज्ञापन सौंपा 

व्यापारी हित के लिए प्रमुख मांग: करते हुए अपनी मांग में आयुष ने बताया कि व्यापारी हित मे डिपार्टमेंट द्वारा कैंसल जीएसटी को पुनः चालू कराने के लिए नियमो   सुधार  किया जाए । जिसमें सिर्फ 1000रुपए की फीस लेकर दोबारा चालू किया जाए।

पुराने डॉक्यूमेंट के आधार पर राइस मिलर द्वारा कस्टम मिलिंग की जाती है। जिसमें भारत के संविधान के आधार पर जीएसटी नहीं लग सकता लेकिन जीएसटी डिपार्टमेंट इस पर भी जीएसटी मांगता है इस पर स्पष्ट गाइडलाइन की मांग करते हुए 

वर्तमान नियम के मुताबिक किसी भी बिल का जीएसटी क्रेडिट अगले साल सितंबर तक ही लिया जा सकता है। यदि व्यापारी किसी कारणवश उस बिल का जीएसटी बेनिफिट नहीं ले पाता है तो उसे उस बिल का बेनिफिट नहीं मिल पाता इसकी समय सीमा समाप्त की मांग की गई आयुष गर्ग ने वित्त मंत्री से चर्चा कर व्यापार उनके हितों की बात करते हैं वित्त मंत्री को अवगत कराया गया कि

जीएसटी नियम के अनुसार जिस व्यापारी का सेल् 20 लाख रुपए सर्विस के लिए अथवा फैक्चरिंग के लिए 40 लाख से कम है उनको जीएसटी लेना अनिवार्य नहीं है लेकिन छोटे शासकीय टेंडर में यह जीएसटी नंबर मांगा जाता है। इसके लिए एक प्रोविजनल जीएसटी आईडी का प्रोविजन बनाया जाए या यह ​नियम शिथिल किया जाए

वर्तमान नियम के मुताबिक व्यापारी  विक्रेता को 180 दिन में भुगतान नहीं करने की दिशा में जीएसटी का क्रेडिट रिवर्स करना पड़ता है। उक्त नियम व्यापारी हित में नहीं है इसे खत्म किया जाए।

छोटे व्यापारियों के लिए मासिक रिटर्न के बजाय 3 माह में रिटर्न तिमाही भरने की व्यवस्था है लेकिन उनको जीएसटी भुगतान मासिक ही भरना पड़ता है। अगर व्यापारी के हित में  तिमाही   जीएसटी भुगतान  करने से छोटे व्यापारियों को लाभ होगा।

जिससे आयकर रिटर्न रिवीजन की जा सकती है लेकिन जीएसटी का रिटर्न रिवाइज करने की सुविधा प्रदान नहीं है। जीएसटी रिटर्न रिवाइज प्रधान नहीं है जीएसटी रिटर्न रिवाइज सुविधा प्रदान किया। जीएसटी की वेबसाइट को सरल की जाए जिससे छोटे व्यापारी अपना रिटर्न खुद भर सकें। मांग पत्र पर विचार करने के लिए वित्त मंत्री निरमला सीतारमण में मुलाकात के दौरान बात कर मांग पत्र पर विचार करने का  आग्रह किया