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मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को सुदृढ़ करने जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के अभिनव पहल

मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को सुदृढ़ करने जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के अभिनव पहल

दन्तेवाड़ा,  मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। जो अपने आप में राज्य एवं देश में पहला ऐसा एमओयु है। जिससे गांव की दीदीयों एवं बुजुर्ग महिलाओं के माध्यम से लोगों को कुपोषण से मुक्त करने एवं स्वस्थ्य बनाने की मुहिम चलाई जायेगी। यहां के क्षेत्रीय बोली में इसका नाम ’बापी न उवाट’ अर्थात दादी के नुस्खे रखा गया है। 


अंदरूनी क्षेत्रों के गांव को कुपोषण मुक्त  बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा। बापीयों के द्वारा गांव तथा के 143 ग्राम पंचायतों के देवगुडि़यों में कुपोषण को मिटाने एवं अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के बारे में समझाया जायेगा। देवगुड़ी के सात सूत्रीय शपथ में कुपोषण मुक्त गांव बनाना भी शामिल है। इस अभियान को जन सहभागिता एवं सभी के सामूहिक प्रयास से सफल बनाया जा सकेंगा जिसके लिए जिला प्रशासन यूनिसेफ महिला बाल विकास विभाग के कार्यकर्ता एवं कर्मचारी साथ  मिलकर कार्य करेंगे। प्रशिक्षण के पश्चात्  बापी अथवा दीदी धरातल पर उतरकर अपना कार्य करेंगी। और जिले को कुपोषण मुक्त बनाकर ही दम लेगी। इनमें से जो बापी या दीदी बेहतर काम करेगी उन्हें जिला प्रशासन के द्वारा सम्मानित किया  जायेगा।