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मालखरौदा : अच्छा खासा सीसी सड़क होंने के बाद भी सब इंजीनियर द्वारा आंख मूंदकर एस्टीमेट बनाकर लेआउट दे दिया

 मालखरौदा :  अच्छा खासा सीसी सड़क होंने के बाद भी  सब इंजीनियर द्वारा आंख मूंदकर एस्टीमेट बनाकर लेआउट दे दिया

मालखरौदा/ सन 2000 में  जब से  ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में  सब इंजीनियर मरावी  द्वारा सीसी रोड बनाने का कार्य शुरू हुआ है।    तब से आज तक  80% से अधिक गांव में सीसी रोड बन कर तैयार हो  गया है वर्तमान में ज्यादातर सरपंचों के लिए  सड़क निर्माण करने के लिए  जगह तक नहीं बचा है गांव के भीतर यह हम नहीं कह रहे हैं यह गांव के ग्रामीण कह रहे हैं। 

  क्षेत्र के कई गांवों में  अभी तक बने  सड़कों का वीडियो ग्राफी किया जाए  तो यह हकीकत पता चल जाएगा।   कीतनी कच्ची सड़के हैं  और कितनी पक्की सड़कें । इसी के तहत  मालखरौदा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चरोदा में  भी इन दिनों जरही बरही  मंदिर से जनक घर की ओर सीसी रोड निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन देखने में आ रहा है  कि पहले से सीसी रोड बना हुआ है जो कि अच्छा खासा है यह लगभग 5 लाख की लागत से सीसी रोड निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।   हैरानी की बात तो यह है कि सरपंच द्वारा अच्छा खासा सीसी सड़क  होंने के बाद भी सब इंजीनियर द्वारा आंख मूंदकर एस्टीमेट बनाकर लेआउट दे दिया है।  जबकि पूर्व में इसी तरह का सीसी रोड निर्माण  की स्वीकृति मोहंदी कला में हुआ था। 

इसका  समाचार पत्र में खबर छपने के बाद निरस्त कर दिया था क्योंकि इस प्रकार के सीसी रोड निर्माण कार्य पैसे की बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं है इसमें  सरपंच सचिव और सड़क का एस्टीमेट बनाने वाले इंजीनियर को मोटी रकम कमीशन मिलता है ऐसा जानकारों का कहना है इस प्रकार के सड़क में लागत कम आता है किसी प्रकार का लेबलिंग करना नहीं पड़ता वही बनाए जा रहे सीसी रोड सीमेंट गिट्टी का मिश्रण मिक्सर मशीन से कराने की बजाय सरपंच द्वारा हाइड्रा मशीन से कराया जा रहा है जिसके कारण सड़क निर्माण में कम मजदूर लग रहा है जबकि ज्यादातर कार्यों में गांव के लोगों को पर्याप्त रोजगार मिले येसा सोचकर शासन द्वारा स्टीमेट बनवाया जाता है कुल मिलाकर हाइड्रा मशीन से मिश्रण कराना मजदूरों के पेट में लात मारने के अलावा कुछ भी नहीं है  वही निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड बनाया जाता है वहां पर कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्णता के साथ सड़क निर्माण को देख रहे तकनीकी सहायक का नाम और मोबाइल नंबर भी नहीं लिखा गया है।

सब इंजीनियर मरावी ग्रामीणों द्वारा सीसी रोड बनाने के लिए सीईओ साहब को आवेदन दिए थे। सड़क की स्थिति देखकर डिस्मेंटल करने के लिए लिखा था डिस्मेंटल के बाद सीसी रोड बनाया जा रहा है।