धन और भोजन दोनों हैं पर सरकार कुछ नहीं देगी, रोओ मेरे प्यारे देश : पी चिदंबरम

धन और भोजन दोनों हैं पर सरकार कुछ नहीं देगी, रोओ मेरे प्यारे देश : पी चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की यह प्रतिक्रिया लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाने के बाद आई है

नई दिल्ली, 14 अप्रैल। कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें केंद्र से पैसा मांग रही हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. पी चिदंबरम का यह भी कहना था कि रघुराम राजन से लेकर ज्यां द्रेज और अभिजीत बनर्जी जैसे अर्थशास्त्रियों की सलाह पर सरकार ने कान बंद कर रखे हैं. पूर्व वित्त मंत्री ने लिखा, ‘गरीबों को 21+19 दिनों के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. धन है, भोजन है, लेकिन सरकार न तो धन जारी करेगी और न भोजन. रोओ मेरे प्यारे देश.’

इससे पहले कोरोना वायरस के फैलते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक बार फिर देश को संबोधित किया. उन्होंने ऐलान किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दौरान देश के लोग उसी तरह अनुशासन का परिचय दें जैसा उन्होंने अब तक दिया है. प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यह संकल्प लेने को भी कहा कि कोरोना वायरस को अब किसी भी नई जगह तक नहीं फैलने देना है. उन्होंने कहा, ‘नए हॉटस्पॉट का बनना हमारे परिश्रम और तपस्या को और चुनौती देगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि 20 अप्रैल तक हर राज्य पर कड़ी नजर बनाकर रखी जाएगी और अगर कहीं हालात सुधरते हैं तो वहां आवागमन सहित कुछ मामलों में थोड़ी छूट दी जा सकती है. लेकिन अगर हालात फिर बिगड़े तो यह छूट तुरंत वापस ले ली जाएगी.

भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 10 हजार के पार हो गए हैं. बीते 24 घंटे में संक्रमण के 1211 नए मामले दर्ज किए गए. साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से इसके चलते 31 मौतों की भी खबर आई. इसके साथ ही कोरोना वायरस से भारत में दम तोड़ने वालों की कुल संख्या 339 हो गई है.

कोरोना वायरस से सबसे प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र पहले नंबर है. यहां कुल 2334 मामले सामने आ चुके हैं. इसके बाद दिल्ली (1510), तमिलनाडु (1173) और राजस्थान (873) का नंबर है. मेघालय में सोमवार को कोरोना वायरस का पहला मामला दर्ज किया गया. राजधानी शिलांग के एक अस्पताल में तैनात डॉक्टर का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया.