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वार्ड क्रमांक 10 से मेरा टिकट काटना गलत निर्णय था: सुन्नम पेंटा

वार्ड क्रमांक 10 से मेरा टिकट काटना गलत निर्णय था: सुन्नम पेंटा

सुजीत वैदिक, सुकमा/कोंटा। सुकमा जिले के अंतर्गत हुए कोंटा नगर पंचायत चुनाव में आये जनादेश का सम्मान करते हुए भाजपा जिला मंत्री सुन्नम पेंटा ने कहा कि जनता जनार्दन है। पेंटा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि कोंटा की जनता इस बार समर्पित भाव से विकास पुरूष की ताजपोशी करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नही हुआ। कोंटा के घटिया राजनीति से आहत होकर पुनः कांग्रेस के हाथो मे कॉमन सौंप दी है।

इससे स्पष्ट जाहिर होता है कि आने वाले समय मे इस प्रकार के घटिया राजनीति से पार्टी को भविष्य में और भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जो लोग एक समय कभी कांग्रेस,सीपीआई के लिए खुलेआम काम करने वाले आज पार्टी के लिए भस्मासुर बनकर उभरे हैं। अब पार्टी को चाहिए ऐसे लोगों के प्रति लगाम लगाने की आवश्यकता है। इसका जीता जागता उदाहरण है कि विगत 2015 को हुए नगर पंचायत चुनाव में भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी रहे स्व. मौसम मुत्ति को हराने के लिए तथाकथित लोगो के द्वारा भरश्क प्रयास किया गया है और कांग्रेस की मौसम जया को जिताने में सफल भी हो गए हैं।

बता दें कि जो लोग पार्टी के गाईड लाइन से अलग होकर अपने आप को पार्टी से भी ऊपर होने आर्थिक प्रकोष्ठ का हवाला देकर अन्य गरीब प्रत्याशियों के साथ मज़ाक उड़ाते हुए इस चुनाव में दखल देने का काम किया है।और चुनाव धन बल से नही लोगों का प्यार मोहब्बत,लोगों के बेहतरी के लिए काम करना है।ऐसे विभाजनकारीयों के कारण पार्टी को भारी नुकसान हुआ है।

आलम यह है कि आज कल कुछ आरजक लोग पार्टी में अचानक दाखिल होकर जिला अध्यक्ष, मण्डल अध्यक्ष के पद की गरिमा को भी आउट ऑफ कंट्रोल करते हुए इनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को भी दर किनार करते हुए कुछ भी नहीं समझते है। और यही सब कारणों से पार्टी को इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।इस बात का अंदेशा पहले से ही जिला अध्यक्ष हूँगाराम मरकाम व मण्डल अध्यक्ष सेमल नरेश को मालूम था कि भाजपा के कदावर नेता सुन्नम पेंटा के टिकट काटे जाने से पार्टी को पड़ सकता है भारी।

गौरतलब है कि पूर्व केबिनेट मंत्री व कोंटा नगर पंचायत चुनाव प्रभारी केदार कश्यप के अमरहा में सुकमा जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार के संरक्षण में भारतीय जनता पार्टी में पीछे दरवाजे से गुसकर फूल छाप तोड़ने का काम कर रहे हैं।इससे आने वाले समय में पार्टी को भारी नुकसान हो सकता है। उल्लेखनीय बात यह है कि विगत 2006 को सलवा जुडूम के दरम्यान में तथाकथित लोगों के द्वारा पूर्व प्रधनमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बने कोंटा अटल चौक में पूर्व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप का पुतला दहन किया गया है और आखिर क्या मजबूरी रही कि इनके सामने पूर्व मंत्री को नतमस्तक होना पड़ा।

पार्टी के प्रति समर्पित भाव से निष्ठा पूर्वक काम कर रहे कार्य कर्ता ओं का कोई महत्व नहीं है।ज्ञात हो कि इस बार के चुनाव में निष्ठा पूर्वक से काम कर रहे नेताओं के अनसुनी से कोंटा नगर पंचायत चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।इससे जगजाहिर हुई है कि वार्डो के टिकट वितरण हो या संगठन के दिशा निर्देशन के पालन नही करते हुए पहले से कुछ तथाकथित लोगों के द्वारा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद को लेकर अपने हिसाब से प्रोजेक्ट कर चुनाव मैदान में उतरना पार्टी को पड़ गया महंगा।

दरअसल वार्ड क्रमांक 14 पार्षद पद के प्रत्याशी रहे पुल्ली गोली को अघोषित रूप से अध्यक्ष पद हेतु प्रोजेक्ट करना गलत साबित हुआ है।यही सब कारणों से करारी हार हुई है। और लोगो को समझ में आ गई कि वो दिन भी क्या दिन था याद है कि सलवा जुडूम के दिन तथाकथित लोगों के द्वारा किस प्रकार से लोगों के साथ कैसे व्यवहार किया गया था। मौका परस्त जनता देर आए दुरुस्त आये जवाब के एवज में ईमानदारी के साथ काम ले निष्पक्षता के साथ बिना डर, दबाव ,भय,निर्भीकता से अपने मौलिक अधिकारों का उपयोग करते हुए अपने हिसाब से अपना प्रतिनिधि को चुना है।जनता जनार्दन है,जनता का जनादेश फैसले का सम्मान करते हैं।