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कलेक्टर के आदेश का कोई परवाह नहीं

 कलेक्टर के आदेश का कोई परवाह नहीं

चन्द्रपुर।  जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर के आदेश का कोई परवाह नहीं होते दिख रहा है। सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के संवेदनशील कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला द्वारा चंद्रपुर महानदी पुल में मरम्मत कार्य होने के कारण 15 दिसंबर से आवागमन को जो भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।  

 नेशनल हाईवे के अधिकारियों की तैयारी आधी अधूरी देखी जा रही है। जिससे कि उनके द्वारा कलेक्टर द्वारा किये गए आदेश को दर किनार  करते हुए अपने मन से तिथि को बढ़ा ले रहे हैं, तो इससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इनको जांजगीर चांपा जिले की कलेक्टर की कोई परवाह नहीं है। 

जब इनके द्वारा मरम्मत कार्य करने के लिए महानदी पुल में पूरी तैयारी नहीं है तो आखिर इनके द्वारा कलेक्टर  से क्यों काम कि स्वीकृति  ली गई । चंद्रपुर के पुल की मरम्मत करनी है और अगर इनके द्वारा इनके अनुसार ही कार्य करना है तो फिर जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर के आदेश कि इनको क्या जरूरत महसूस पड़ी!

 जब जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ने 15 दिसंबर से भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया और आदेश की कॉपी निकाल दी है। जिस पर सभी पत्रकारों ने प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तहत प्रचार प्रसार कर दिया गया था। जिस पर कई कंपनियां जो इस रोड में काम करती है उन संस्थाओं ने अपने कार्यों को बंद करके जो इस चंद्रपुए महानदी पुल से होते हुए अपना  कार्य करते है। इस चंद्रपुर महानदी पुल में भारी वाहनों का कार्य करते हैं वे अपनी सारी वाहनों को दूसरे जगह  भेज कर अपना कार्य करने लगे हैं , जो स्थानीय कर्मचारी उनके संस्थान में है उनको इस पुल की मरमत होते तक छुट्टी दे दी गई है। 

क्योंकि यह पुल 15 दिसंबर से बंद होने के उपरांत उनको जो रास्ता मिलेगा उसमें उनके मार्ग में बहुत ज्यादा नुकसान दिखाई पड़ता था। इसलिए उनके द्वारा चंद्रपुर महानदी पुल में मरम्मत होने तक अपना कार्य 15 दिसंबर से बंद कर दिया गया था।क्योंकि 15 दिसंबर का आदेश जिले के कलेक्टर साहब द्वारा निकाला गया था। और नेशनल हाईवे वाले कलेक्टर के आदेश को दरकिनार करते हुए अपना आदेश निकालते हुए इसको आगे बढ़ा दिया गया है । आप देखने और सोचने वाली बात है कि आखिर नेशनल हाईवे रोड की अधिकारियों को कलेक्टर के आदेश की तिथि को क्यों बढ़ाना पड़ा!  और जब तिथि बढ़ाना ही था तो जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई और उनसे तिथि बढ़ाने की निवेदन क्यों नहीं किया गया !

क्योंकि जिले का कलेक्टर अपने हिसाब से तिथि बड़ा घटा सकता है/ ना कि नेशनल हाईवे वाले अधिकारी और कर्मचारी अपने हिसाब से तिथि को घटा बढ़ा सकते हैं/ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महानदी पुल में जो मरम्मत होना है, उसकी तैयारी नेशनल हाईवे के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा नहीं किया गया था। इसलिए यह तिथि को बढ़ाया जा रहा है। 

कुछ लोग का मानना है कि जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर द्वारा जो आदेश  महानदी चंद्रपुर पुल के विषय में जो आदेश 15 दिसंबर को आया था। नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा जो कलेक्टर को लिखित रूप से तिथि आगे बढ़ाने के विसय से अवगत नहीं करवाया गया है। 

इस पर कहीं कलेक्टर के आदेश की अवहेलना तो नहीं हुई है ! यह लोगों का मानना है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब नेशनल हाईवे के अधिकारी अपने मन मुताबिक कलेक्टर के आदेश के कॉपी की पर वह नहीं कर रहे हैं !

तो पुल की मरम्मत उनके द्वारा कैसा किया जाएगा यह तो वक्त ही बताएगा/ क्योंकि जब उनको कलेक्टर का परवाह नहीं है तो आम लोगों के बारे में उनकी क्या सोच क्या होगी । चंद्रपुर महानदी का पुल की सड़क अच्छे से बनेगी या फिर जिस तरह पहले भी थूक पालिश पुल के सड़कों पर कर दिया जाता था, उसी प्रकार फिर महानदी चंद्रपुर पुल के सड़क की थूक पॉलिश तो नही कर दी जाएगी। क्योंकि जिस विभाग को कलेक्टर का डर नहीं है उसको आम नागरिकों से क्या लेना देना होगा। जिससे महानदी पुल कि सड़क अच्छी बन सके।