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कोरोना : दूसरी लहर बच्चों को संक्रमित कर रही है..तीन साल से लेकर 14 साल तक के बच्चों को हो रहा है कोरोना.. कैसे बचाएं उन्हें? जानिए विशेषज्ञ से

कोरोना : दूसरी लहर बच्चों को संक्रमित कर रही है..तीन साल से लेकर 14 साल तक के बच्चों को हो रहा है कोरोना.. कैसे बचाएं उन्हें? जानिए विशेषज्ञ से

देश में कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। राज्य में भी तेजी से फैलता जा रहा है. आश्चर्य कि इस बार बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं. तीन साल के बच्चे से लेकर 14 साल के बच्चों तक ने जान गंवाई है और माता पिता कुछ भी नही कर पा रहे. दूसरी ओर  चिंताजनक बात यह है कि बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है लेकिन बच्चों के लिए अभी तक कोई वैक्सीन तैयार नही हुई है. चंद दिनों पहले ही अमरीका में एक वैक्सीन का टेस्ट हुआ है, अनुमति मिलते ही बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा सकेगी.

रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरीश अग्रवाल कहते हैं कि 'जी हां, जिस तरह से पहली लहर में देखा गया कि बीमार और बुजुर्ग ज्यादा संक्रमित हो रहे थे, वहीं दूसरी लहर में बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। चूंकि वायरस अपना स्वरूप बदलता रहता है, इसलिए ये युवाओं को भी ज्यादा इफेक्ट कर रहा है। बच्चों को बचाने के लिए जरूरी है कि उन्हें घर में व्यस्त रखें। इसके अलावा घरेलू उपाय करते रहें। ऐसे में बच्चों को पानी उबालकर भाप दे सकते हैं। इसके कई फायदे हैं, अगर गले में श्वास नली में वायरस कहीं है तो वो कमजोर हो जाएगा, कहीं कुछ बलगम भी फंसा हुआ है तो वो पतला होकर निकल जाता है। स्टीम लेने से फेफड़ों की एक तरह से सफाई हो जाती है।'

बच्चों में पाए जा रहे इस संक्रमण की बात करें तो इसके क्लीनिकल सिंप्टम्स लगातार और तेज बुखार होना, आंखें लाला या गुलाबी दिखना, आंखों में सूजन आना, होंठ, जीभ, हाथ और पैर पर लाल निशान होना। साथ ही पाचन से जुड़ी दिक्कतें होना, बीपी लो होना और शरीर में सूजन जैसी समस्या भी हो सकती है। जिन बच्चों में इस तरह के लक्षण पिछले कुछ महीनों के दौरान देखे गए, उनमेंसे बहुत सारे बच्चे कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव भी पाए गए।

यूनिसेफ की तरफ से कहा गया है कि अगर किसी भी बच्चे में इस तरह के लक्षण दिखें तो उसे तुरंत मेडिकल चेकअप के लिए ले जाएं। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर इस बीमारी की जांच मुश्किल है। लेकिन शुरुआती स्तर पर मिली रिपोर्ट्स के आधार पर इस बीमारी को बढ़ने और सूजन को फैलने से रोका जा सकता है।

कफ सिरप लेने से बढ़ सकता है कोरोना संक्रमण
बच्चों को सिखाएं हाइजीन का महत्व
बच्चे को मास्क की उपयोगिता, मास्क क्यों पहनना जरूरी है.
बच्चे को खाना खाने से पहले हाथ धोने और अपने चेहरे तो छूने से पहले हाथ सेनिटाइज करने के बारे में बताएं।
बच्चे को एक पॉकेट सेनिटाइजर लाकर दें। जिसे वह अपने साथ रख सके और जरूरत पड़ने पर उपयोग करे।
बच्चा अगर फास्ट फूड की जिद करे तो उसे इस फूड से होनेवाले नुकसान और कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका के बारे में बताएं। बच्चे को हेल्दी डायट और इससे होनेवाले लाभ की भी डिटेल जानकारी दें।

अगर बच्चे को खांसी और बुखार की समस्या हो रही है तो घबराएं नहीं। ध्यान रखें कि ये लक्षण कॉमन कोल्ड और फ्लू के भी होते हैं। लेकिन इस स्थिति में भी हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। आप खुद भी मास्क पहनें और बच्चे को भी मास्क पहनाएं।