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अब ट्रेनें बन गईं हवाईजहाज, हर एसी डिब्बे में होंगी 83 बर्थ, शौचालय, एसी, डक्ट, खिड़कियां, चार्जर सब नए लगे, 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी ट्रेनें

अब ट्रेनें बन गईं हवाईजहाज, हर एसी डिब्बे में होंगी 83 बर्थ, शौचालय, एसी, डक्ट, खिड़कियां, चार्जर सब नए लगे, 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी ट्रेनें

आपको यकीन नही होगा लेकिन रेल मंत्रालय ने इस यात्रा को ‘दुनिया का सबसे सस्ता और सबसे बेहतरीन एसी यात्रा' करार दिया है। रेलवे थ्री-टियर एसी कोच में सफर करना अब पहले की तुलना में और भी सुविधाजनक और सस्ता होगा।

सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए अपने थ्री एसी कोच में बड़ा बदलाव किया है. थ्री-टायर एसी कोच के नए डिजाइन में कई नई सुविधाएं हैं और इसमें 72 की जगह 83 बर्थ होंगी। इसको लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो भी शेयर किया है। अधिकारियों के मुताबिक ये डिब्बे यानी ‘किफायती’ होंगे और ये मौजूदा एसी थ्री-टियर और गैर एसी शयनयान वर्ग के डिब्बों के बीच होगा। नए कोच में ज्यादा यात्री सफर कर सकते हैं क्योंकि इसमें बर्थ की संख्या बढ़ाकर 72 से 83 की गई है। पहले की तुलना में अब हर बर्थ पर एसी ‘डक्ट’ लगा रहेगा, जहां से ठंडी हवा आती है। वहीं इन कोचों में प्रत्येक बर्थ पर 'निजी' लाइट लगाई गई है, जिससे यात्री अब आराम से पढ़ सकते हैं और मोबाइल चार्जिंग प्वांइट भी प्रत्येक बर्थ पर दी गई है।

नई सुविधाएं :

    नए थ्री-टियर इकोनॉमी क्लास कोच में सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही सीटों की संख्या एक कोच में 72 की जगह 83 होगी।
    हर सीट/बर्थ के लए एसी वेंट दिया गया है ताकि हर यात्री को एसी सफर का फायदा मिल सके। फिलहाल कोच के सिर्फ टॉप पर एसी वेंट होता है। प्रत्येक बर्थ के लिए अलग-अलग रीडिंग लाइन लगाई गई है।
    आपातकालीन स्थिति विशेषकर आग लगने के दौरान बचाव के लिए आधुनिक फायर सेफ्टी इंतजाम किए गए हैं।
    प्रत्येक थ्री-टियर इकोनॉमी क्लास कोच में दिव्यांग-अनुकूल शौचालय के साथ ही दिव्यांगों के लिए खास रूप से कोच में एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था की गई है। शौचालय डिजाइन को भारतीय और पश्चिमी शैली में बनाया गया है।
    मध्य और ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए सीढ़ी को एक नया डिजाइन किया गया है। मध्य और ऊपरी बर्थ में एक बढ़ी हुई हेडरूम है।
    हर बर्थ पर मोबाइल और यूएसबी प्वॉइंट चार्ज करने के लिए व्यक्तिगत सॉकेट की व्यवस्था की गई है।
    साइड बर्थ के साथ स्नैक टेबल की भी व्यवस्था की गई है। पानी की बोतलों, मोबाइल फोन और पत्रिकाओं आदि के लिए स्नैक टेबल बनाए गए है।
    कोच के इंटीरियर में रात की रोशनी के साथ इंटीग्रेटेड बर्थ इंडिकेटर्स में ल्यूमिनेसेंट आइज़ल मार्कर हैं।
    भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने के अनुरूप बनाया गया है।