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धान खरीदी केंद्र में किसानों से अवैध वसूली, समिति में किया जमकर हंगामा

धान खरीदी केंद्र में किसानों से अवैध वसूली, समिति में किया जमकर हंगामा

चंद्र प्रकाश साहू

सुरजपुर। जिले के धान खरीदी समितियो में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधा देने की के दावे तो करती है किंतु सुविधा समितियो में देखने को नही मिलता  है। बल्कि किसानों से ही हमाली का कार्य कराते है। बदले में 7 रुपये प्रति किवंटल देने की बात करते हैं जो राशि किसानों को पिछले वर्ष की  नही मिली है। वहीं रामानुजनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत  आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पत्रापाली में किसानों से हमाली के नाम पर प्रति बोरा 10 रुपये लिए जाने से किसानों ने जमकर हंगामा किया तो वहीं बीजेपी नेता समेत प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँच किसानों को समझाइश दिया गया। 

मिली जानकारी के मुताबिक धान खरीदी होने के उपरांत समिति प्रबंधक, प्रभारी द्वारा मनमानी करते हुए किसानों से प्रति किवंटल 25 रुपये राशि लिए जाने से किसानों ने 16 दिसम्बर को धान खरीदी केंद्र में सैकड़ो किसानों ने जमकर हंगामा किया। जहां मौके पर बीजेपी नेता अजय श्याम, रामानुजनगर तहसीलदार राधेश्याम तिर्की, खाद्य विभाग के निरीक्षक श्वेता अग्रवाल मौके पर पहुँच किसानों को समझाइस दी गई। भड़के किसानों ने समिति प्रबंधक के ऊपर तत्काल कार्यवाही करते हुए निलंबित करने की मांग की है। बीजेपी नेता अजय श्याम ने इस संबन्ध में बताया कि किसानों से हमाली के नाम राशि मांगने की शिकायत मिली थी। जहां मौके पर हमने देखा कि किसान आक्रोशित थे। हमने मौके पर प्रशासन की सूचना दिए जहां मौके पर पहुँच तहसीलदार, फूड इंस्पेक्टर पहुँचे थे। जहां किसानों के सामने पंचनामा तैयार किया गया। 

जब इस सम्बंध रामनुजनगर तहसीलदार राधे श्याम से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच प्रतिवेदन नही आई है। फूड विभाग जांच की है। प्रतिवेदन मिलने पर ही कुछ बता पाऊँगा। 

वहीं जांच अधिकारी फूड इंस्पेक्टर श्वेता अग्रवाल से फ़ोन व मैसेज के माध्यम से दो दिनों तक सम्पर्क किया गया किन्तु फूड विभाग के अधिकारी अपने जिम्मेदारी से पीछे भगाते हुए मामले को रफा दफा करने व मीडिया से दूरी बनाने में लगी हुई है। 

बतादें कि धान समितियों की निगरानी के लिए जिले के क्लेक्टर रणबीर शर्मा ने तहसीलदारो को जिम्मेदारी दी गई है। समितियों में आरआई, पटवारी , फूड विभाग की सत्त निगरानी करने के निर्देश दिए है। ताकि किसानों को किसी तरह से कोई भी दिक्कत ना हो। जबकि पत्रापाली धान खरीदी समितियो में किसानो के धान नही खरीदी करने में बहना बनाते हुए खराब होना, दूसरा धान लेकर आओ जैसे तमाम बातें कही जा रही है। तो वही बिचौलियों के धान को बगैर देखें ही लिया जा रहा है। जिसमें सहकारी बैंक के प्रबंधक की मिली भगत साफ नजर आता है। बैंक प्रबंधक द्वारा बिचौलियों से कमीशन लेकर राशि का भुगतान किया जा रहा है।