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केवल अपनी भक्ति के बल पर ही भगवान को पाया जा सकता है : आचार्य राजेंद्र महाराज

केवल अपनी भक्ति के बल पर ही भगवान को पाया जा सकता है : आचार्य राजेंद्र महाराज

सक्ती। ग्राम सलोनी में आयोजित सार्वजनिक श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन व्यासपीठ से आचार्य राजेंद्र महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान भक्तों को बताया की ग्राम पंचायत सलोनी में भगवान भक्तों के वशीभूत है, केवल अपनी भक्ति के बल पर ही भगवान को पाया जा सकता है l मनुष्य के सभी गुणों में भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि भक्ति के बल पर ही मुक्ति की कामना पूरी की जा सकती है l ज्ञान , कर्मकांड , धनबल , जन बल , पद प्रतिष्ठा आदि अन्य किसी भी उपलब्धि से भगवान प्राप्त नही होते , भक्ति करने से ही मुक्ति की प्राप्ति होती है l 

ग्राम के युवाओं के द्वारा संकल्पित यह यह श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव पहली बार आयोजित होने से पूरे ग्राम में हर्ष व्याप्त है l श्रोताओं से भरे विशाल कथा पंडाल में आचार्य द्वारा सती प्रसंग , देवहूति को भगवान कपिल देव द्वारा सांख्य योग का ज्ञान , एवं भगवान नरसिंह नाथ की अलौकिक अवतार की कथा सुनाते हुए बताया गया कि जीवन में आशा ही दुख का कारण बन जाता है , दक्ष पुत्री सती को बड़ी आशा थी कि मेरे मायके में मेरा बड़ा सम्मान होगा परंतु अपने और भगवान भोलेनाथ का अपमान देख कर निराश हो गई और अग्नि कुंड में कूद गई l प्रह्लाद प्रसंग का सरस एवं विस्तार से वर्णन करते हुए आचार्य ने बताया कि भगवान सर्व व्याप्त हैं उन्हें हम अपने अंदर ही प्राप्त कर सकते हैं बस अपने अहंकार की दीवार गिरा देने की आवश्यकता है , भगवान और मनुष्य के बीच में अहंकार ही एक बाधा है l

भगवान तो अपने भक्तों के वशीभूत हैं और वे अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए सातवें आसमान से भी नीचे उतर आते हैं यही भक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है l श्रोताओं को प्रतिदिन दिव्य झांकियों के साथ कथा श्रवण का आनंद प्राप्त हो रहा है , कथा श्रवण करने हेतु एनडी चंद्रा , राम कुमार , बीआर चंद्रा , निर्मल गव्हेल , भरत लाल , ईश्वर , सुनील , समारू राम देवांगन , श्रीमती जया , रामेश्वरी , हेमलता , सुनीता श्रीमती पूनम , श्रीमती जमुना साहू , मीना यादव आदि सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे l