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श्रीमद् भागवत एकमात्र कथा है जिसके श्रवण से इक्कीस पीढियां लाभान्वित होकर आनंद व मोक्ष को प्राप्त करती हैं: आचार्य राजेंद्र शर्मा

श्रीमद् भागवत एकमात्र कथा है जिसके श्रवण से इक्कीस पीढियां लाभान्वित होकर आनंद व मोक्ष को प्राप्त करती हैं: आचार्य राजेंद्र शर्मा

रामनारायण गौतम/सक्ती। श्रद्धा व उत्साह का अद्भुत संगम सोनी परिवार (टेमर) द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन व्यास पीठ से आचार्य राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सचमुच कृष्ण कन्हैया टेमर की पावन धरा में आज अवतरित हुए हैं- यह बात कथा के चतुर्थ दिवस में  कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आचार्य ने कहा कि भागवत कथा 1 धर्म परायण कथा है जिसके श्रवण मात्र से जीवन के हर सुखों को भोग कर व्यक्ति भवसागर को पार हो जाता है और पहाड़ के समान बड़े से बड़े कष्टो का निवारण होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भागवत व्यास पीठ पर विराजमान  भगवताचार्य पं राजेंद्र जी महाराज ने कथा के महत्व को गहराई से समझाते हुए कहा कि एकमात्र यही कथा है जिसके श्रवण से इक्कीस पीढियां लाभान्वित होकर आनंद व मोक्ष को प्राप्त करती हैं। 

धर्म परायण व कथावाचकों की नगरी पुण्य ग्राम टेमर की पावन धरा पर यजमान सोनी परिवार के द्वारा अपने स्मृतिशेष मृतात्माओं के मोक्षार्थ व  मनोकामना पूर्ति हेतु आयोजित भागवत कथा में आचार्य देवकृष्ण के मधुर भजनों व संतोष महंत व साथियों के संगीतमय प्रस्तुति व भक्तिमय वातावरण में लोग बड़ी संख्या में श्रद्धा पूर्वक कथा का रसपान कर रहे हैं ।

भागवत प्रवाह आध्यात्मिक सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ की ओर से आचार्य देवकृष्ण ने बताया कि संस्थान के सान्निध्य में अनवरत भागवत कथा का अविरल प्रवाह के साथ नववर्ष पर 1जनवरी 2022 से तुर्री धाम में निर्माणाधीन बांके बिहारी मन्दिर स्थल पर कोविड काल में अकाल मृत्यु से काल कवलित स्मृतिशेष आत्माओं के मोक्षार्थ अकिंचन भागवत  आयोजित है जिसमें  सभी श्रद्धालुगण  कथा में शामिल होकर कथा श्रवण कर सकते हैं।