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विधानसभा सत्र का दो दिन पहले समापन, अंतिम दिन मुख्यमंत्री का ऐलान, 'सरकार खरीदेगी नगरनार प्लांट, कई रोचक दृश्य दिखे विधानसभा में

विधानसभा सत्र का दो दिन पहले समापन, अंतिम दिन मुख्यमंत्री का ऐलान, 'सरकार खरीदेगी नगरनार प्लांट, कई रोचक दृश्य दिखे विधानसभा में

रायपुर. आठ दिनों तक चले विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज समापन हो गया. हालांकि सत्र की अवधि 30 दिसम्बर तक थी लेकिन सभी प्रश्नों पर चर्चाएं और विधेयकों के पास हो जाने के बाद सर्वसम्मति से सत्र के समापन की घोषणा की गई.

इसके पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में शासकीय संकल्प पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की कि भारत सरकार बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र का डिस्इंवेस्टमेंट न करे, डिस्इंवेस्टमेंट की स्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार इस संयंत्र को खरीदने के लिए तैयार है. इस संयंत्र को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे. छत्तीसगढ़ सरकार इसे चलाएगी. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सदन में यह शासकीय संकल्प - ‘यह सदन केन्द्र सरकार से यह अनुरोध करता है कि भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी द्वारा स्थापनाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र, जिला बस्तर का केन्द्र सरकार द्वारा विनिवेश न किया जाए. विनिवेश होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ शासन इसे खरीदने हेतु सहमत है’ सर्वसम्मति से पारित किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि सवाल छत्तीसगढ़ की अस्मिता का है, बस्तर के आदिवासियों का है। बस्तर के लोगों का इससे भावनात्मक लगाव रहा है। जमीन सार्वजनिक उपक्रम के लिए दी गई थी, खदान भी एनएमडीसी को इस शर्त पर दी गई थी कि एनएमडीसी यहां इस्पात संयंत्र लगाएगा। राज्य शासन की भी और जनता की भी यह मंशा थी। इसे लेकर लगातार आंदोलन हो भी रहे थे। भारत सरकार इस संयंत्र के विनिवेश के लिए तैयारी कर रही है और सितम्बर 2021 तक इसे पूर्ण करने की तैयारी है। इस मामले में डिमर्जर कर खदान को एनएमडीसी से अलग किया गया है। ऐसी स्थिति में यह प्रस्ताव बहुत आवश्यक था, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया।

सत्ता पक्ष की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, संसदीय कार्यमंत्री रवीन्द्र चौबे, मंत्री मोहम्मद अकबर, मंत्री शिव डहरिया, मंत्री टी एस सिंहदेव, मंत्री अमरजीत भगत ने विपक्ष के सवालों के जवाब दिए तो दूसरी ओर विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक डॉ रमनसिंह, बृजमोहन अग्रवाल, शिवरतन शर्मा और अजय चंद्राकर ने सवालों की झड़ी लगाई और सत्ता पक्ष को जवाब देने के लिए​ विवश किया.

विधानसभा के शीतकालीन सत्र का संचालन विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी, वरिष्ठ सदस्यों सत्यनारायण शर्मा, शिवरतन शर्मा, नारायण सिंह चंदेल, देवव्रत सिंह इत्यादि ने किया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही. वे कोरोना संक्रमित होने के कारण विधानसभा सत्र में शामिल नही हो सके.