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राज्य कोष से आईएएस को पेंशनरों और कर्मचारियों से 5% अधिक महंगाई भत्ता क्यों?

राज्य कोष से आईएएस को पेंशनरों और कर्मचारियों से 5% अधिक महंगाई भत्ता क्यों?


  5%प्रतिशत महंगाई भत्ता सबको मिले या फिर उनसे वसूली कर राज्य कोष में जमा कर कोरोना में खर्च करे सरकार .......

जुलाई 21 में महंगाई भत्ता की राशि   30"% प्रतिशत से अधिक होना निश्चित है।

 राज्य सरकार एरियर राशि हजम करने की आदत से बाज आये...

रायपुर, 31 मई। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता, राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष एवं सम्प्रति  भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  तथा छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने राज्य के कोष से प्रदेश में सेवा दे रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों क्रमशः आईएएस, आईपीएस,आईएफएस,आईआरएस आदि को छत्तीसगढ़ राज्य के कोष से 17% प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान जुलाई 2019 से क्यों ? कर रहे है, जबकि राज्य सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पेंशनरों को केवल 12%महंगाई भत्ता दे रही है सरकार। और इसतरह प्रति माह लाखों में वेतन  -भत्ता लेने वाले अनेक सुविधाओं से लैस भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को इस प्रदेश के अल्प वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से भी अधिक 5% प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान करना राज्य सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पेंशनरों व परिवार पेंशनरों के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने राज्य सरकार से आईएएस सहित सभी समकक्ष  अधिकारियों से तुरंत आधिक्य भुगतान की 5 % प्रतिशत राशि को जुलाई 19 से वसुली कर कोरोना सहायता में लगाने की मांग मुख्यमंत्री मंत्री भूपेश बघेल से किया है। हर बार की तरह महंगाई भत्ता की एरियर राशि को हजम करने की आदत से बाज आये और जुलाई 19 से बकाया मंहगाई भत्ता की राशि को एरियर सहित भुगतान करने के आदेश जारी करें।


 प्रदेश में लगातार पेट्रोलियम पदार्थों की मंहगाई से सेवारत राज्य सेवा के अधिकारियों एवं   कर्मचारियों,पेंशनरों और परिवार पेंशनरों में भारी चिन्ता व्याप्त हो गई है, कोरोना काल मे महंगाई के मार से सारे बजट गड़बड़ हो गया है। इस बढ़ती और  चढ़ती हुई मंहगाई के लिये केंद्र और राज्य दोनों सरकार जिम्मेदार है, साथ ही राज्य में आईएएस सहित सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को राज्य सेवा के अधिकारियों,कर्मचारियों और पेंशनर्रो से 5%प्रतिशत अधिक महंगाई भत्ता का भुगतान लिये जाने स्वयं मना करना चाहिए । यह तो बेशर्मी की हद है क्योंकि वे खुद तो केन्द्र द्वारा घोषित होते ही आर्थिक लाभ तुरन्त लेने में हमेशा आगे रहते हैं और सरकार को राज्य के कर्मियों को भी आर्थिक लाभ देने का स्वस्फूर्त सलाह कभी नहीँ देते उल्टा सरकार को भारी आर्थिक भार पड़ने का भय जरूर समय समय दिखाया जाता है ताकि उनकी जायज आर्थिक मांगे लटकी रहे।

 पेट्रोल डीजल लगभग 100 रुपये प्रतिलीटर तक पहुंच ही गया है और गैस सिलेंडर भी लगभग 1000 रुपये को छूने जा रहा है। इसके कारण परिवहन का माल भाड़ा बढ़ने से चावल-आटा-दाल -तेल का भाव भी तेजी की ओर है। सब्जी भाजी   का दाम भी अब इतना हो गया है कि सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों की हालत पतली होती जा रही है।


पेंशनरों ने केन्द्र और राज्य सरकार से मंहगाई को काबू में करने की मांग करते हुए पेट्रोलियम पदार्थों से अपना अपना वेट टेक्स तुरन्त हटाने का आग्रह किया है। ताकि देश-प्रदेश में कर्मचारियों ,पेंशनरो के साथ आम जनता को महंगाई से राहत मिल सके।

 राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान जुलाई 19 से बकाया 5℅प्रतिशत महंगाई भत्ता की राशि

 राज्य सरकार वित्तीय संकट के नाम पर दबाए बैठी है और जुलाई 19 के बाद प्राइज इंडेक्स के हिसाब से जनवरी 20 में 4℅, जुलाई 20 में 3%,और जनवरी 21 में 4% प्रतिशत के हिसाब से बढ़ चुकी है।इसतरह महंगाई दर जनबरी 21 के हिसाब से अनुमानित कुल 28% बढ़ चुकी है और राज्य के पेंशनरों एवं कर्मचारियों को केवल 12%प्रतिशत के दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा। जबकि केंद्र के अनुसार राज्य के आईएएस जुलाई 19 से 17%महंगाई भत्ता नगद भुगतान ले रहे हैं,जो राज्य के पेंशनरों तथा कर्मचारियों से 5% अधिक है। जबकि प्राइज इंडेक्स के आधार पर सभी को जनवरी 21 से कुल 28%महंगाई भत्ते की पात्रता हो चुकी है और जुलाई में प्राइज इंडेक्स जारी होने के बाद यह दर 30% से भी अधिक होना निश्चित है।

सम्प्रति कर्मचारी और पेन्शनर महंगाई भत्ता, पदोन्नति, पुरानी पेंशन योजना,संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण,अनिवार्य सेवानिवृत्ति,वेतन विसंगति और म प्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा,सेंटल पेंशन प्रोसेसिंग सेल (फुल स्ट्रेंथ) स्टेट बैंक की छत्तीसगढ़ में स्थापना,बस यात्रा में किराए में छूट का प्रावधान के साथ साथ समय समय पर शासन द्वारा जारी किये गए आदेश के परिपालन कराये जाने की मांग को लेकर लगातार जूझ रहे हैं।मगर स्थिति में कोई सुधार नही हो रहा है।

  छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमशः भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, तथा गंगाप्रसाद साहू , डॉ व्ही व्ही भसीन, डॉ आर आर साहनी,सी एस पांडेय,डॉ पी आर धृतलहरे, व्ही टी कराडे,लोचन पांडेय, डॉ वाई सी शर्मा,विद्या देवी साहू , यू के चौरसिया,डी के त्रिपाठी,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी, आर सी पटेरिया,जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्री वास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी, एम आर निषाद, सुहास लम्बट,तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी,,असीमा कुंडू , आशा वैष्णव, बीना स्वर्णकार, पी एस राजपूत, पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा,एल एन साहू,अशोक जैन,अरुण दुबे,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता,श्रीमती बसन्त नामदेव,अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी, सुरेन्द्र नामदेव,अनिल शर्मा, सी एल दुबे,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,विजय शंकर दुबे,सुभाष गायकवाड़,प्रभुदयाल पटवा,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप,के के बंछोर,एस एस तिवारी, प्रकाश नामदेव, रामनरेश शर्मा,अनुपम जे मैथ्यू, शोभनाथ तिवारी,एस एन चौकसे, एस एस खुसरो आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पेंशनरों हित मे त्वरित निर्णय लेने तथा केंद्र के समान महंगाई भत्ता एरियर सहित भुगतान करने की मांग की है।