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कृषि महाविद्यालय नारायणपुर विश्व दुग्ध दिवस मनाया

कृषि महाविद्यालय नारायणपुर विश्व दुग्ध दिवस मनाया

दूध और डेयरी उत्पाद  पोषण के अमूल्य स्रोत हैं - डा. रत्ना नशीने
नारायणपुर।  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसधान केन्द्र, नारायणपुर (छ.ग.) और राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस  मनाया ।  इस अवसर पर  अधिष्ठाता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी  डा. रत्ना नशीने ने बताया की  पूरे विश्व में विश्व दुग्ध दिवस 1

जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को दूध के बारे में जागरूक करना है । यह दिन डेयरी क्षेत्र के महत्व को भी समझाता है। दूध और दूध से बने पदार्थों के फायदे और इनकी खासियत बताने के लिए इस दिन को शुरू किया गया था । दुनिया में दूध सबसे ज्यादा पोषक खाद्य पदार्थ में से एक है। आयुर्वेद में भी दूध को एक पोषक खाद्य आहार बताया है जिसमें कई  सारे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं जो कि शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं ।

बचपन में बच्चों को दूध पीने की सलाह दी जाती है जिससे कि उनके शरीर का विकास सही तरीके से हो तथा वह मानसिक और शारीरिक रूप से सही रहें।. विश्व दुग्ध दिवस 2021 की थीम 'पर्यावरण, पोषण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र में स्थिरता' पर केंद्रित है । थीम का उद्देश्य नियमित रूप से आहार में दूध और डेयरी उत्पादों को शामिल करने के बारे में जागरूकता फैलाना है ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रह सके और दूध का सही उपयोग हो सके और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा मिले । 

विश्व दुग्ध दिवस को मनाने की पहल संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन पहल ने की।  डा. रत्ना नशीने ने दूध में पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया की दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फास्फोरस, विटामिन डी, विटामिन बी12, विटामिन ए और राइबोफ्लेविन (बी 2) होता है। कैल्शियम, हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। प्रोटीन से इंसान को ऊर्जा मिलती है। पोटेशियम से ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती और यह रक्त चाप को नियंत्रित रफास्फोरस से शरीर में ऊर्जा मिलती है और हड्डियां मजबूत होती हैं। इसी तरह, विटामिन डी से हड्डियां मजबूत होती हैं। विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं और नर्वस टिश्यू को नियंत्रित करता है। विटामिन ए इंसान की आंखों और स्किन की समस्या से दूर रखता है।

दूध और डेयरी उत्पाद हमेशा से ही अपने स्वास्थ्यवर्धक लाभों के कारण अधिकांश लोगों की आहार में एक प्रमुख स्थान करते हैं। वर्तमान में आहार में डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना और भी महत्वपूर्ण है ताकि हमारा इम्यून सिस्टम को सुरक्षित और स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान किया जा सके ।  श्री राकेश कौशले ने कहा की हाई प्रोटीन मुख्य रूप से दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों से प्राप्त किया जाता है। 

स्वयं सेवको को डेरी फार्मिंग की भी जानकारी दी गयी। आनलाईन मे राष्ट्रीय स्वयं सेवको मे कुमारी लक्षमी साहू,  नेहा गुप्ता,  क्रिती साहू,  दुखनाशन,  अंगदराज बग्गा,  वीर देवागंन,  बीना मिस्त्री आदि ने अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया। इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय समस्त शिक्षकगण और  64 स्वयं सेवाकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राकेश कौशले तथा शिक्षिका मनीषा धुर्वे ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा की कृषि के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं तो हमें पशुधन के ओर भी ध्यान देना है जिससे की दूध उत्पादन बढ सके और लाभ मिल सकें।