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मेजर ध्यानचंद की जयंती पर जिला मुख्यालय में मनाया गया खेल दिवस

मेजर ध्यानचंद की जयंती पर जिला मुख्यालय में मनाया गया खेल दिवस


खेल जीवन का अभिन्न अंग-जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती नेताम

नारायणपुर।  राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नारायणपुर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिनमें चित्रकला, विभिन्न खेल शामिल है। मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय के समीप स्थित आडिटोरियम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती नेताम एवं अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मांझी ने की। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा मेजर ध्यानचंद के चित्रपटल के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर हुई।  नेताम ने छात्र-छात्राओं को खेल के प्रति उत्साहित करते हुए खेलों को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जितना महत्व पढ़ाई का है, उतना ही महत्व खेल का भी है। इस अवसर पर अतिथियों ने उपस्थित खेल प्रेमियों को खेल दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री प्रमोद नेलवाल, जनपद पंचायत नारायणपुर अध्यक्ष श्री पंडीराम वड्डे, संगठन पदाधिकारी रजनू नेताम, श्री राजेश दीवान के अलावा खेल अनुदेशक उपस्थित थे। 

  राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 75 बालक-बालिकाओं ने निर्धारित आयुवर्ग में हिस्सा लेकर अपनी कला का प्रदर्शित किया। सीनियर वर्ग में कुमारी अनुभूति सिंह ठाकुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर वर्ग में कुमारी डिंकी कुमेटी पहले स्थान पर रही।  वहीं उपस्थित खेल प्रेमियों ने गीत-संगीत के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अधिवक्ता श्री शिवकुमार पाण्डेय ने गोण्डी, हल्बी में गीत का प्रदर्शन कर दशकों का मनमोह लिया। कार्यक्रम के अंत में जिला खेल अधिकारी श्री अशोक उसेण्डी ने आभार व्यक्त किया। 

बता दें कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 29 अगस्त 1950 को जन्मे मेजर ध्यानचंद जी अपने जीवन काल में ऐसा नाम स्थापित कर पूरे विश्व में अलग पहचान बनाई और भारत का गौरव बढ़ाया हॉकी में उनका कुछ ऐसा था कि अगर एक बार गेंद उनकी स्टिक पर आती तो विपक्षियों के लिए गेंद छिनना आसान नहीं होता था कहते हैं कि ध्यानचंद जी करिश्माई खेल के लिए उन्हें हॉकी का जादूगर के नाम से विभूषित भी किया गया। खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को इस दिन सम्मानित किया जाता है।