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आ सकती है पटरी पर, चार और पैसेंजर ट्रेन?

आ सकती है पटरी पर, चार और पैसेंजर ट्रेन?

भाटापारा, 22 मार्च। साल भर से बंद गोंदिया से झारसुगड़ा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का परिचालन फिर से शुरू हो सकता है। इसके साथ बिलासपुर-टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन भी पटरी पर लौट सकती है। इसके अलावा दो मेमू लोकल भी चलती हुई नजर आ सकती है। जोन मुख्यालय से इन चारों ट्रेनों के परिचालन को अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की खबर आ रही है।

पहले सीमित ट्रेन, फिर केवल आरक्षण पर ही यात्रा की अनुमति, फिर दोगुनी दर पर प्लेटफॉर्म टिकट की सुविधा लौटाई गई। अब चार और यात्री ट्रेनों के फिर से परिचालन की तैयारी की जानकारी सामने आ रही है। रेल सूत्रों के मुताबिक गोंदिया-झारसुगड़ा-गोंदिया और बिलासपुर-टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया है। इसके अलावा दो मेमू लोकल के भी पुनः परिचालन की अनुमति मांगी गई है।


तैयारी हो रही ऐसी

जैसी जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार जोन मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाली यात्री ट्रेनों में से, 95 फ़ीसदी ट्रेनों को फिर से चलाए जाने की तैयारी चालू की जा रही है। कोरोना वायरस के फैलाव के बीच शुरू किए जा रहे, इस प्रयास के साथ कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा। सबसे ज्यादा ध्यान, जिस काम पर होगा वह यह कि 1 साल से बंद यात्री ट्रेनों के कोच की खोज-खबर लेना और उनकी वापसी को सुनिश्चित करना।

फोकस पैसेंजर और मेमू पर

खबर है कि जोन क्षेत्र मे चलने वाली पैसेंजर और मेमू लोकल को सबसे पहले हरी झंडी दिखाई जा सकती है क्योंकि यह ट्रेनें ऐसे छोटे स्टेशनों पर रूकती हैं, जिनसे आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के यात्री इन ट्रेनों की सुविधा लेते रहे हैं। इसलिए 23 मई 2020 के बाद से बंद ये ट्रेनें फिर से 1 साल बाद पटरी पर नजर आ सकतीं हैं।

पहले चलेंगी ये ट्रेन

95 फ़ीसदी यात्री ट्रेनों के फिर से परिचालन की सुगबुगाहट के बीच दो पैसेंजर और दो मेमू लोकल के परिचालन के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी सामने आ रही है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक गोंदिया-झारसुगड़ा-गोंदिया और बिलासपुर-टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर के साथ रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ लोकल का प्रस्ताव जोन मुख्यालय से रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।

सुगबुगाहट इसकी भी

1 साल से बंद मासिक पास की सुविधा पर भी मंथन की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि यह अभी भी प्रस्ताव से बाहर है लेकिन इसकी सुविधा नहीं मिलने से नौकरीपेशा वर्ग और दैनिक मजदूरी करके रोजी-रोटी का इंतजाम करने वालों को, हो रही परेशानी और दिक्कत को देखते हुए इस पर भी विचार की खबर आ रही है।