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कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

संक्रमित व्यक्तियों की पहचान होने पर होम आईसोलेशन और अस्पतालों में किया जा रहा बेहतर उपचार

राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए कलेक्टर के दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जन स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जिले में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जन स्वास्थ्य की जानकारी जुटाने के लिए नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में सर्विलेंस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। यह टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम का प्रयास करते हुए कोरोना जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। प्रतिदिन 4,000 से अधिक लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। वहीं कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के लिए दिग्विजय स्टेडियम बनाए गए कोविड-19 डिस्टि्रक वार रूम बनाया गया है। 

इस संबंध में राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा इससे बचाव के लिए कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता पूर्वक कार्य किए जा रहे हैं। कोविड नियंत्रण के लिए जिले में तैयारी पूरी कर ली गई है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

शहर के 51 वार्ड के लिए 51 एक्टिव सविलेंस टीम का गठन किया गया है जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ले रहे हैं तथा दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। चिकित्सकों द्वारा होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों से लगातार संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। वहीं कोविड टेस्टिंग कर संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर होम आईसोलेशन और अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया, कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर कॉनटेक्ट ट्रेसिंग कर प्राथमिक संपर्क में आए लोगों की भी कोरोना जांच की जा रही है। एंटीजन जांच में पॉजिटिव आने पर पीड़ित को जांच सेंटर से ही दवाई किट का वितरण किया जा रहा है जिसमें दवाई लेने की समय-सारिणी तथा डॉक्टर का नंबर भी दिया जा रहा है, ताकि कोई परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह ली जा सके। साथ ही होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों को होम आईसोलेशन प्रोटोकाल के संबंध में पाम्पलेट दिया जा रहा है जिससे संक्रमित मरीज प्रोटोकाल का पालन करते हुए उचित उपचार प्राप्त कर सकें तथा आपात स्थिति में चिकित्सकों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी समस्या के बारे में जानकारी दे सकें। 

संक्रमण की रोकथाम के लिए ऐसी है व्यवस्था

० स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन 4,000 से अधिक लोगों की कोरोना जांच।

० कोविड वैक्सीनेशन और सैम्पलिंग के लिए 50 कर्मचारियों की अतिरिक्त टीम।

० जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान के लिए 90 कोविड-19 सेम्पलिंग टीम।

० जिले में मरीजों की सहायता के लिए 111 एम्बुलेंस।

० आपातकाल या जरूरत की स्थिति में 108 और 112 में संपर्क कर एम्बुलेंस सुविधा।

० कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 1,148 बेड उपलब्ध।

० कोविड-19 कंट्रोल रूम से मिलेगी बेड की उपलब्धता की जानकारी।

० कोविड संक्रमित मरीजों की सहायता के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम।

० कंट्रोल रुम में 24 घंटे दूरभाष नंबर 74402-03333 पर संपर्क सुविधा।

० कंट्रोल रूम में 8 कर्मचारियों की ड्यूटी।

० शहर के 51 वार्ड के लिए 51 एक्टिव सविलेंस टीम का गठन।