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वन लिपिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, विभाग का कामकाज प्रभावित

वन लिपिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, विभाग का कामकाज प्रभावित

कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ वन लिपिक कर्मचारी संघ अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। जिले में लगभग 55 कार्यालयीन कर्मचारियों ने वन विभाग में होने वाले सभी कार्यों को बंद कर हड़ताल पर चले गये है।

जिले के समस्त कार्यालयीन वन कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय स्थित वनमंडल कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।

उन्होंने कहा है कि जब तक प्रदेश सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती तब तक वे विभागीय कार्य नहीं करेंगे और हड़़ताल पर डंटे रहेंगे।

          शैलेन्द्र मिश्रा प्रांतीय उपाध्यक्ष वन लिपिक कर्मचारी संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ वन लिपिक कर्मचारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर छ.ग. वन विभाग के समस्त लिपिक,डाटा एन्ट्री आपरेटर एवं वायरलेस आपरेटर अपनी 10 सूत्रीय मांगो को लेकर दिनांक 27/04/2022 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संघ द्वारा 10 सूत्रीय मांग शासन को ज्ञापन के माध्यम से प्रेषित कर 22 अप्रैल 2022 तक मांगो पर उचित कार्यवाही करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया था। परन्तु शासन द्वारा उचित कार्यवाही नही किये जाने के फलस्वरूप हमें अनिश्चितकालिन धरना प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होना पड़ा ।

वन लिपिक कर्मचारी संघ की  प्रमुख मांगे वन सेवा भर्ती नियम को अद्यतन करना, विभागीय परीक्षा आयोजन करना,अधीक्षक के पद को राजपत्रित घोषित करना, लेखा अधिकारी/प्रशासकीय अधिकारी को संलग्नाधिकारी के पद पर वृत्त एवं वनमण्डल कार्यालय में पदस्थ करना, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर एवं वायरलेस आपरेटर का पदोन्नति चैनल लागू करना, प्रतिमाह रूपये 1000/- मोबाईल भत्ता प्रदान करना सहित अन्य जायज मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

जिसे शासन द्वारा तत्काल मान्य करने का मांग संघ द्वारा किया जा रहा है । इस अवसर पर जिले के कोण्डागांव व केशकाल वनमण्डल के समस्त लिपिक कर्मचारी, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर एवं वायरलेस आपरेटर हड़ताल पर बैठे हुये है।

                  पदुम राणा संभागीय अध्यक्ष लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ बस्तर ने वन लिपिक कर्मचारी संघ की मांगों को जायज बताया और कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ इनके हड़़ताल को समर्थन करता है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में वे भी आंदोलनरत होंगे ।