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''भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि'' थीम पर कलेक्टर सभा कक्ष में प्रेरणा संवाद

''भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि'' थीम पर कलेक्टर सभा कक्ष में प्रेरणा संवाद

सूरजपुर। जिला प्रशासन के द्वारा व्यक्तित्व विकास एवं लक्ष्य निर्धारण सहित अन्य आवश्यक गतिविधियों से अवगत कराने की मंशा से ''भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि''  थीम पर आज कलेक्टर सभा कक्ष में प्रेरणा संवाद हेतु भुनेश्वरपुर हाई स्कूल के छात्रों ने कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधिक्षक भावना गुप्ता एवं जिला पंचायत सीईओ  राहुल देव से सीधे रूबरू हुए,

इस दरम्यान छात्रों को भविष्य को आगामी समय में शैक्षणिक गतिविधियों से कैसे और किस तरह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारियों व मार्गदर्शन हेतु आवश्यक बिन्दुओं पर प्रेरक रूप से अपने अनुभवों को छात्रों से साझा कर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं कलेक्टर , एसपी व जिला पंचायत सीईओ से आमने-सामने बैठकर संवाद करनेे पर छात्रों में एक नई उर्जा का संचार हुआ।  

सबसे पहले कलेक्टर ने बच्चों से वार्तालाप करते हुए बच्चों के विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए बताया कि छात्रों जीवन का पहला सबक है अनुशासित होकर अपना पढ़ाई करें। मुझे नेवी में जाना है, एक बच्चे के सवाल के जवाब में देते हुए बताया कि पहले तय कर लिजीए आपको किस कटेगरी में जाना है उसमें तीन कटेगरी होते है, एक होता है स्टाफ की, एक सैनिक की, एक होती आफिसर रेंक की, यह आपको तय करना है कि आपको कहां जाना हैं।

आप जिस भी कक्षा में है उसकी बेसिक जानकारी होनी चाहिए अगर नहीं है तो उसमें अपना शत प्रतिशत दे। फिर तय लक्ष्य के लिए तैयारी करें। सैनिक के लिए एनडीए एवं आफिसर के लिए सीडीए की परीक्षा देनी होती है।

कुछ दिन बाद हम आपके विद्यालय में कैरियर मार्गदर्शिका नाम की छोटी सी किताब आ रही है, उसकी कुछ प्रतियां भेजेंगे, उसमें सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षा की जानकारी, फार्म कब कैसे भरी जाएगी उसकी पूरी जानकारी रहेगी।

आप बड़ा लक्ष्य लेकर, अपनी सफलता को इतनी मजबूत करनी है कि आप ओस की मोती तरह बने। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मेरे माता पिता ही मेरी प्रेरणा रहे हैं उसी प्रकार आप भी किसी एक अपनी प्रेरणा स्त्रोत बना सकते है।

आपके जीवन कठिन परिस्थितियां भी आऐगी सब एक जैसा नहीं होता उस कठिन समय में आपको कैसे कार्य करना है। यह महत्वपूर्ण है। आप पढ़ाई को एक खेल की तरह लो तो मजा आने लगेगा। कोई खेल आप हार जाते हो तो क्या आप खेलना छोड़ देते हो नहीं ना। उसी प्रकार पढ़ाई के बारे में अपना दृष्टिकोण बनाये।

पुलिस अधिक्षक ने बच्चों से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि पहल कार्यक्रम आपके लिए ही लाया गया है। आपको जो मौका मिल रहा है आप लोग सीधे जिले के बड़े -बड़े जिला अधिकारियों से मिल पा रहा है। वैसा मौका हमको नहीं मिला। आपको जो मौका मिल रहा उसका लाभ उठाईये। अभी आप जीस भी कक्षा में हैं, जो विषय है उसे अपनी पूरी क्षमता व निष्ठा से उसमें तैयारी करें।

हमेशा परजेंट में फोकस होकर हर दिन चरण दर चरण मेहनत करनी है। आपको किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा में जाना है तो आपको अलग से आधा एक घण्टा अलग से अपने दिनचर्या में शामिल करना होगा।

उसमे आप अच्छी पुस्तक पढ़ सकते है, अच्छा समाचार पत्र का अध्ययन कर अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होंन जिला प्रशासन कि दोनों प्रमुख प्रशासन से बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि जिले के जो मुखिया होते वो कलेक्टर होते है जिसमे जिला  प्रशासन की विभिन्न तरह की शाखाऐं आती है। उसी के समकक्ष पुलिस प्रशासन जो जिला में कानून व्यवस्था को बनाये रखने का कार्य करती है ।

जिसमें जिले में एसपी, एडीशनल एसपी, एसडीओपी, टी. आई., सब इन्सपेक्टर व आरक्षक होते है। कानून व्यवस्था का बनाये रखने के लिए पूरी टीम के साथ करना होता है। इसी कड़ी में एडीशनल एसपी ने डीएसपी से लेकर आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया के बारे में बच्चों को बताया।

जिला सीईओ ने अपने पढ़ाई के दौरान आने वाली तमाम समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि बच्चों आप अगर ठान लो सब कुछ कर सकते हो। दुनिया कितना भी ठुकराये, कितना भी तिरस्कार करें आप ने ठान रखी तो आप मंजिल मिल ही जानी है।

उन्होंने बताया कि वे भी कक्षा आठवीं तक हिन्दी भाषा में पढ़ाई किये, इंगलिश ज्यादा नहीं आती थी, कुछ आपको अस्वीकार करते हैं क्योंकि आपको इंगलिश नहीं आती, इसका मतलब यह नहीं है कि आप बुद्धिमान नहीं हैं। आप की बुद्धिमानी पामने के लिए भाषा कोई पैमाना नहीं हो सकता हैै। आपको संयीमत होकर सभी चीजें करनी हैं। लक्ष्य के प्रति शमर्पित होकर पढ़ाई करे।

इस दौरान एडीशनल एसपी, डीपीओ महिला बाल विकास विभाग, नायब तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, प्रचार्य सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे।