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मध्यप्रदेश में व्यापक वैक्सीनेशन महाअभियान सोमवार से

मध्यप्रदेश में व्यापक वैक्सीनेशन महाअभियान सोमवार से

भोपाल, 20 जून। कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका के बीच कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को और अधिक तेज करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में सोमवार से वैक्सीनेशन महाअभियान प्रारंभ होगा, जिसके तहत पहले दिन ही राज्य के लगभग सात हजार केंद्रों पर कम से कम 10 लाख व्यक्तियों को वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वैक्सीनेशन महाअभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाें को अंतिम रूप दे दिया गया है। भोपाल में वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुछ रियायतों की घोषणा की गयी है। कलेक्टर अविनाश लवानिया की घोषणा के अनुरूप सोमवार को वैक्सीनेशन करवाने वाले व्यक्ति शहर की प्रमुख रेस्टारेंट में प्रमाणपत्र दिखाकर 10 से 15 प्रतिशत की छूट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए लगभग 18 होटल और रेस्टारेंट का चयन किया गया है।

इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं और सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी अपनी टीम के साथ वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए मैदान में आ गए हैं। दोनों नेता आज यहां वैक्सीनेशन से जुड़े जनजागरुकता कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों से वैक्सीन लगवाने का अनुरोध किया। भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सागर, शहडोल, उज्जैन, खंडवा, होशंगाबाद, विदिशा और अन्य जिला तथा विकासखंड मुख्यालयों पर भी लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए आज प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे कल वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे। सूत्रों ने कहा कि अब यह वैक्सीनेशन महाअभियान पूरे राज्य में लगातार चलता रहेगा।

राज्य की आबादी सवा सात करोड़ से अधिक है और जनवरी माह के तीसरे सप्ताह में वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ हुआ था। अब तक एक करोड़ अड़तालीस लाख चौंसठ हजार से अधिक वैक्सीन के डोज पात्र नागरिकों को लगाए जा चुके हैं। इनमें फ्रंटलाइनर कोरोना वॉरियर्स के अलावा 18 से अधिक आयु वर्ष के नागरिक शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि आगामी अक्टूबर माह तक अधिक से अधिक नागरिकों को वैक्सीन लगा दिया जाए, जिससे कोरोना संक्रमण पर मजबूती से काबू पाने में मदद मिल सके।

श्री चौहान ने सभी नागरिकों से वैक्सीन लगवाने और जो वैक्सीन लगवा चुके हैं, उनसे वैक्सीनेशन प्रेरक बनने का अनुरोध किया है। ऐसे प्रेरक अपने परिजन, मित्र, मोहल्ले और समाज के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगे। वहीं सरकारी मशीनरी ने भी वैक्सीनेशन महाअभियान को सफल बनाने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

राज्य में कोरोना का पहला प्रकरण पिछले वर्ष मार्च माह में जबलपुर जिले में प्रकाश में आया था। तब से लेकर अब तक 7,89,174 व्यक्ति कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं और 8737 लोगों की जान भी चली गयी। हालाकि 7,77,995 व्यक्ति कोरोना संक्रमण को मात देने में भी सफल रहे। इस बीच अप्रैल और मई माह में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोरोना के कहर से सभी नागरिक परेशान हो गए थे। अब आशंका जतायी जा रही है कि आगामी छह से आठ सप्ताह के दौरान कोरोना की तीसरी लहर का सामना करना पड़ेगा।

कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय व्यापक स्तर पर वैक्सीनेशन ही बताया गया है। हालाकि नागरिकों को इस दौरान मॉस्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का और कोरोना संबंधी अन्य दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा जा रहा है।