breaking news New

करोड़ों की लागत से बनी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा

करोड़ों की लागत से बनी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा


मामला-पीडब्ल्यूडी विभाग का

संजय जैन

धमतरी, 2 अगस्त। विभिन्न विभागों में सड़क निर्माण का ठेका लेने वाले ठेकेदार का दावा है कि सरकार कोई भी बने मेरा दबदबा कायम रहेगा। इसी तर्ज पर उक्त ठेकेदार ने जहां-जहां सड़क का निर्माण किया है, वहां-वहां अल्पावधि में सड़क जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर थूक-पालिशनुमा मरम्मत कर अपनी प्रतिष्ठा बचाने का असफल प्रयास किया गया है। धमतरी जिला ही नहीं अपितु बालोद जिला में भी इस ठेकेदार ने गुरूर-पड़कीभाट-सनौद, गुरूर-डांडेसरा-अरमरीकला मार्ग का निर्माण किया। करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन इस सड़क में जगह जगह गड्ढे होने की शिकायत तत्कालीन कलेक्टर बालोद श्रीमति रानू साहू से की थी जिन्होंने तत्काल उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये। लेकिन दुर्भाग्य से इनका स्थानांतरण हो गया और इस ठेकेदार की जांच रूक गई। वर्तमान में यह ठेकेदार उक्त सड़कों में सीमेंट, गिट्टी का मिक्चर बनाकर सड़क की रिपेयरिंग के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है।

बालोद जिले के गुरूर-पड़कीभाट-सनौद, गुरूर-डांडेसरा-अरमरीकला मार्ग का निर्माण करोड़ों रूपये की लागत से लोक निर्माण संभाग बालोद के अधीन पिछले वर्ष करवाया गया है। लेकिन इस सड़क के निर्माण पश्चात जगह जगह से इसमें गड्ढे पड़ गये। बारिश में पानी भरने की वजह से यही गड्ढे आवागमन करने वालों के लिये दुर्घटना का सबब बन गये थे जिसे देखते हुए उस क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इसकी शिकायत बालोद जिले के कलेक्टर रही रानू साहू से की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने उक्त ठेकेदार के विरूद्ध जांच प्रारंभ करवाई थी जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त था परंतु कलेक्टर के स्थानांतरण पश्चात यह कार्यवाही रोक दी गई। चूंकि विभागीय पत्र व्यवहार जारी हो चुका था, इस कारण विभाग के लोगों ने उक्त सड़क में निर्मित गड्ढों को भरकर सुधार कार्य किये जाने का निर्देश ठेकेदार को दिया था किंतु ठेकेदार ने करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन इस सड़क में जो सुधार कार्य किया है वह भी पिछले दिनों हुई वर्षा से जगह जगह से पुन: उसी स्थिति में आ गये हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग संभाग बालोद के अधीन निर्मित इस सड़क में निर्धारित गुणवत्ता को दरकिनार कर अपने मनमानी से उक्त सड़क का निर्माण करवाया गया था जो अल्पावधि में जगह-जगह से गड्ढानुमा हो गई थी। इस ठेकेदार का कहना यह है कि प्रदेश में सरकार किसी की भी बने, मेरा ही सिक्का चलेगा और मेरे खिलाफ कोई जांच नहीं हो सकती।


मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि इससे पूर्व भी उक्त ठेकेदार ने मगरलोड, नगरी क्षेत्र में सड़क का निर्माण करवाया है। करोड़ों रूपये की लागत से निर्मित धमतरी-नगरी मुख्य मार्ग का कार्य भी इसी ठेकेदार द्वारा किया गया है। इस निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं दिया गया है। फलस्वरूप इस क्षेत्र की निर्मित सड़कें जगह जगह से या तो धसक गई हैं या तो गड्ढे बन चुके हैं। लगातार इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से इन ग्रामीणों ने की थी। लेकिन मिलीभगत होने की वजह से किसी भी प्रकार की कार्यवाही इस ठेकेदार पर नही हुई जिसे देखते हुए नगरी मार्ग में दुर्घटनाओं को आमंत्रित करने वाले उक्त गड्ढों को श्रमदान कर ग्रामीणों ने सुधार किया है। 61.200 किमी की इस सड़क का निर्माण पिछले वर्ष इसी ठेकेदार द्वारा किया गया है। यह सड़क अभी भी गारंटी पीरियड में है। लेकिन विभाग के लापरवाह अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से इस मार्ग का जीर्णोद्धार नहीं किया गया है जो चर्चा का विषय है। कहा जाता है कि ग्रामीणों ने इस मार्ग के निर्माण के समय बरती जा रही घोर लापरवाही, मनमाने स्तर पर मटेरियल का मिक्चर बनाकर सड़क का निर्माण करने की बात को लेकर विभाग को समय समय पर इसकी शिकायत की थी। यहां तक हम लोगों ने तत्कालीन कलेक्टर से भी इस मामले की जांच एवं कार्यवाही की मांग की थी। लेकिन उक्त ठेकेदार के विरूद्ध किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसके कारण इसके हौसले बुलंद हैं।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के क्रियान्वित एजेंसी के अधीन चलने वाले सड़क निर्माण के साथ साथ लोक निर्माण विभाग जैसे अनेक विभागों में ठेका प्राप्त कर सड़कों का निर्माण की जिम्मेदारी इस ठेकेदार द्वारा ली गई जिसमें मनमाने स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया और यह सड़क अल्पावधि में ही जगह जगह से जीर्णशीर्ण हो गई है। लेकिन विभाग के अधिकारी मिलीभगत होने के कारण करोड़ों रूपये की लागत से निर्मित इन सड़कों की जांच नहीं कर पा रहा है जिससे साफ है कि अधिकारी और ठेकेदार पूरी तरह इस गुणवत्ताविहीन कार्य के लिये जिम्मेदार हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय से इस ठेकेदार ने विभिन्न विभागों के द्वारा निविदा के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य का ठेका लिया गया। लेकिन इस ठेकेदार द्वारा जहां-जहां, जिस-जिस क्षेत्र में भी सड़कें निर्माण करवाई है, उसमें अल्पावधि में इस प्रकार घोर लापरवाही ग्रामीणों के द्वारा उजागर की गई है। पूर्ववर्ती सरकार के बाद अब प्रदेश में नई सरकार का गठन पिछले 18 माह से हो चुका है परंतु इस करोड़ों रूपये के निर्माणाधीन सड़कों की जर्जर स्थिति पर किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है। जागरूक नागरिकों ने नई सरकार के संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से जांच की मांग की है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग संभाग बालोद के कार्यपालन अभियंता तथा ठेकेदार से उनका पक्ष लिये जाने का प्रयास किया गया परंतु उनका मोबाईल कव्हरेज क्षेत्र से बाहर बताया, इसलिये उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।