breaking news New

कोरोना वायरस संकट : राज्यों की आर्थिक स्थिति चरमराई, केंद्र से मदद की गुहार लगाई

कोरोना वायरस संकट : राज्यों की आर्थिक स्थिति चरमराई, केंद्र से मदद की गुहार लगाई

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। कोरोना वायरस संकट के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के एक हफ्ते बाद कई राज्यों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है. खबरों के मुताबिक आलम यह है कि ये राज्य उस तबके को बुनियादी राहत उपाय देने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं जो इस बीमारी (कोविड-19) के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील है. इनमें महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. इन राज्यों ने केंद्र से मदद की गुहार लगाई है. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया है कि केंद्र उनके बकाया पैसे का भुगतान जल्द कर दे. बताया जा रहा है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री के साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी वे यह मुद्दा उठाएंगे.

21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों और दूसरे लोगों की एक बड़ी तादाद अपने-अपने राज्यों की तरफ लौटी है. इन्हें राहत देने का जिम्मा भी राज्य सरकारों के जिम्मे है. कई मुख्यमंत्रियों को यह भी शिकायत है कि लॉकडाउन का ऐलान करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया. अब अपर्याप्त वित्तीय मदद उनके और केंद्र के बीच अविश्वास की खाई और चौड़ी कर रही है.

एक राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते हफ्ते राज्यों को राहत कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया फंड (एसडीआरएफ) में पड़े पैसे का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी. लेकिन कई राज्यों में एसडीआरएफ सिर्फ खाते में हुई पैसे की एंट्री है और इससे जुड़ा पैसा केंद्र पर बकाया है. ज्यादातर राज्यों ने कोरोना वायरस संकट से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए दूसरे मदों से पैसा निकालकर खर्च किया है.