दंतेवाड़ा़ में स्‍वास्‍थ्‍य जांच के लिए 27 ग्रामीणों को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया

दंतेवाड़ा़  में स्‍वास्‍थ्‍य जांच के लिए  27 ग्रामीणों को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया


दंतेवाड़ा़ !   कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले में जगह- जगह नाकेबंदी कर बाहर से आने - जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। इस बीच दीगर प्रदेशों में काम करने गए जिले के सैकड़ों मजदूर अपने गांव लौट रहे हैं। ऐसे ही 27 ग्रामीणों को जिला हास्पिटल लाया गया। बताया गया कि कुआकोंडा ब्‍लॉक के ग्राम श्‍यामगिरी में रहने वाले ग्रामीण मिर्ची बगान में काम करने दक्षिण भारत गए थे। सोमवार- मंगलवार को ग्रामीण गांव लौट आए। लेकिन इस बीच कहीं भी उनका कोई स्‍वास्‍थ्‍य जांच नहीं हुआ। इसकी जानकारी के बाद स्‍वास्‍थ्‍य अमला गांव पहुंचा और 27 ग्रामीणों को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां स्‍वास्‍थ्‍य जांच के बाद अलग वार्ड में मरीजों को रखा गया है। हालांकि श्‍यामगिरी से लाए गए किसी भी ग्रामीण में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। बावजूद अभी मरीजों को हॉस्पिटल से छुट्टी नहीं दी गई है।


महिला कर्मचारी मानवता की सेवा में जुटी

एक ओर जहां कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लोग एहतियात बरतते अपने घरों में दुबके हैं। वहीं संजीवनी एंबुलेस की महिला कर्मचारी प्रियंका साहू मानवता की सेवा में जुटी है।लाइलाज इस बीमारी की परवाह किये बगैर प्रियन्का जान की बाजी लगाकर एहतियात बरतते हुए  चेहरे में मास्‍क और हाथों में ग्‍लोब्‍स पहनकर कोरोना के संदिग्‍ध मरीजों को जिला हॉस्पिटल पहुंचा ही नहीं रही बल्कि उनकी हिस्‍ट्री लेते बचाव के तरीके भी बता रही है। जिले में रोजगार की कमी के चलते सैकड़ों ग्रामीण पलायन कर गए थे। वे अभी गांव लौट रहे हैं, उन्‍हें गांव से समझाइश के साथ जिला हॉस्पिटल पहुंचा रही है। इसी तरह विदशों से लौटे शहरी लोगों को भी लगातार हॉस्पिटल पहुंचाने और वापस घर छोड़ने का काम कर रही है। 


चंद्र शेखर अग्रवाल 

आज की जनधारा