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कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण के संबंध में ली बैठक

 कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण के संबंध में ली बैठक

 बारिश से पहले राहत कार्यों की तैयारी करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर  टोपेश्वर वर्मा आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण के संबंध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण के संबंध में पूरी तैयारी कर ली जाए। अधिक बारिश होने से बाढ़ की संभावना बनी रहती है। इसके लिए राहत टीम तैयार रहे। 1 जून से बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम प्रारंभ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों का चिन्हांकन कर लिया जाए जहां बारिश में पानी भरने की संभावना अधिक होती है। नदी के किनारे बसे हुए गांवों अधिक सतर्क रहे। जिन स्थानों में राहत कैम्प लगाने की जरूरत होती है उन स्थानों को चिन्हांकित कर ली जाए। बाढ़ की स्थिति आने पर होम गार्ड तैराक एवं पंचायत स्तर पर कुशल व्यक्तियों की सूची तैयार कर लें। जिससे समय आने पर तत्काल सहायता मिल सके। सिंचाई विभाग प्रतिदिन बारिश हुए पानी की मात्रा का रिपोर्ट जारी करें। बांधों से पानी छोडऩे पर निचले जिलों को सूचित करें। बारिश के दिनों में  पुल के ऊपर पानी बहने पर आवागमन प्रतिबंधित करें। इससे दुर्घटना होने की संभावना होती है।
कलेक्टर  वर्मा ने कहा कि बारिश के पहले सभी नालों की सफाई कर ली जाए। जिससे पानी निस्तारी की समस्या न हो। इन दिनों बीमारियां फैलने की अधिक संभावना होती है। इसके लिए क्लोरिनेशन का कार्य किया जाए। शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित टंकियों को बारिश के पहले सफाई करें। बाढ़ आपदा या अन्य प्राकृतिक आपदा होने से पहले इसकी तैयारी रखी जाए। जिससे नुकसान होने से बचा जा सके। जिन स्थानों में प्राकृतिक आपदा से क्षति होती है वहां सर्वेक्षण कर आरबीसी 6-4 के तहत आपदा पीडि़तों को राहत राशि तत्काल उपलब्ध कराएं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक  डी श्रवण, सीईओ जिला पंचायत  अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव  एन. गुरूनाथन, अपर कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त  आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव  मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कान्फ्रेस के जरिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ एवं बीएमओ जुड़े रहे।