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जलसंसाधन विभाग में अफसरशाही जारी- सोमवार को पुनः घेराव की चेतावनी, सीएम और मंत्री से संघ करेगा शिकायत

जलसंसाधन विभाग में अफसरशाही जारी- सोमवार को पुनः घेराव  की चेतावनी, सीएम और मंत्री से संघ करेगा शिकायत

रायपुर। राजधानी रायपुर के गौरवपथ स्थित जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय रायपुर में पूर्ववर्ती सरकार से लेकर आज पर्यन्त निरंतर 6 माह से पदस्थ मुख्य अभियंता के कर्मचारी विरोधी नीति से विभाग के कर्मचारी आक्रोषित् है। वे निरंतर मुख्यमंत्री व जलसंसाधन मंत्री की भावना के विपरित वेतन भुगतान में विलंब, अस्थाई कर्मचारियों की छटनी पर तुले हुए है। आज कर्मचारियों को कार्यालय प्रवेश से रोकने की उनकी मंशा के खिलाफ पुनः आज 9 नवंबर सोमवार को दोपहर 12 मुख्य अभियंता का धेराव किया जावेगा। समस्त जल संसाधन विभाग को दिपावली पूर्व बंद करने की चेतावनी संघ ने दी है। 

        संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि विभाग में कार्यरत् कर्मचारियों के वेतन भुगतान में विलंब करने, उच्च कार्यालय से विधिवत् आबंटन प्राप्त हो जाने के बाद भी मुख्य अभियंता द्वारा उपस्थिति प्रतिवेदन न भेजकर वेतन से वंचित किये जाने की साजिश की जा रही थीं। अब मुख्यमंत्री  भूपेश बधेल के स्पष्ट निर्देश के बाद  प्रदेश में अस्थाई कर्मचारियों को कोरोनाकाल से सेवा से पृथक कर सरकार को बदनाम करने में निरंतल लगे हुए है। उनके हिटलरशाही रवैया के विरोध में 6 नवंबर को प्रदर्शन धेराव किया गया था तब वे कार्यालय में न आकर दौरा में रहने का संदेश अधिनस्थ अधिकारियों को दिए थे। किंतु संघ  को ऐसी जानकारी मिली है कि अनियमित, संविदा कर्मचारियों को आज सोमवार में कार्यालय में प्रवेश से रोकने का मौखिक फरमान् जारी किये है। 

उनके इस निर्णय का संघ  जोरदार प्रतिकार करेगा। संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, उमेश मुदलियार महामंत्री, प्रांतीय सचिव अमर मुदलियार, नरेश वाढ़ेर, इकबाल शरीफ, प्रमोद पाण्डेय, रतन सिंह कश्यप, विश्वजीत मल्लिक, सलीक रजा, नोहर सिंह वर्मा, स्पर्श जार्ज, मुन्ना लाल चेलक आदि कर्मचारी नेताओं ने विभाग के संमस्त कर्मचारियों, जिला, तहसील व प्रांतीय पदाधिकारियों को प्रातः 11 बजे ओसीएम. चैक स्थित कार्यालय में एकत्र होने की अपील की है।